चाईबासा: चाईबासा में ब्लड बैंक की खराब व्यवस्था को लेकर उरांव समाज रक्तदान समूह ने गंभीर चिंता जताई है। कुड़ुख सामुदायिक भवन, पुलहातु में आयोजित बैठक में जिले में लगातार हो रही रक्त की कमी और मरीजों को हो रही परेशानियों पर चर्चा की गई।
ब्लड की कमी से मरीज परेशान
बैठक में बताया गया कि आए दिन ब्लड की कमी के कारण जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त नहीं मिल पा रहा है। पहले जहां चाईबासा ब्लड बैंक से प्रतिदिन 30-40 यूनिट रक्त का आदान-प्रदान होता था, वहीं अब स्थिति काफी बिगड़ चुकी है। मरीजों को सरायकेला और जमशेदपुर तक भटकना पड़ रहा है, फिर भी उन्हें पर्याप्त रक्त उपलब्ध नहीं हो पाता।
व्यवस्था पर उठे सवाल
समूह के सदस्यों ने कहा कि डोनर उपलब्ध रहने के बावजूद ब्लड बैंक की प्रक्रिया लगभग ठप हो गई है। रक्तदान शिविरों में एकत्रित ब्लड को अन्य शहरों में भेज दिया जाता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर उसी अनुपात में वापस नहीं मिल पाता। इससे स्थानीय मरीजों की परेशानी और बढ़ जाती है।
समूह का योगदान
उरांव समाज रक्तदान समूह अब तक करीब 3000 जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध करा चुका है और प्रतिदिन 1 से 5 यूनिट रक्त देने का कार्य करता रहा है। इसके बावजूद वर्तमान स्थिति उनके प्रयासों को प्रभावित कर रही है।
प्रशासन से मांग
समूह ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि चाईबासा ब्लड बैंक को जल्द से जल्द सुचारू रूप से संचालित किया जाए। साथ ही जमशेदपुर की तर्ज पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी भी मरीज को रक्त के अभाव में परेशानी न हो।








