गुवा संवाददाता।
ग्रामीण अंचलों में शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए मानवाधिकार परिषद, झारखंड प्रदेश के महासचिव एवं रांची लोकसभा तथा ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी धी. रामहरि पेरियार ने गुवासाई स्थित अबुआ क्रीड़ा विद्यालय (प्ले स्कूल) में अध्ययनरत लगभग 30 जरूरतमंद बच्चों के बीच शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया। इस अवसर पर बच्चों को कॉपी, पेंसिल एवं रबर प्रदान किए गए।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना नहीं था, बल्कि बच्चों के भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन और शिक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को मजबूत करना भी रहा। बच्चों से संवाद करते हुए रामहरि पेरियार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन, दिशा और निरंतर प्रोत्साहन की है।
उन्होंने बच्चों से नियमित विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “शिक्षा ही वह सबसे सशक्त हथियार है, जिससे गरीबी, अज्ञानता और सामाजिक पिछड़ेपन को पराजित किया जा सकता है। आज का शिक्षित बच्चा ही कल के आत्मनिर्भर और सशक्त समाज की नींव रखता है।”
शिक्षा सामग्री प्राप्त कर बच्चों के चेहरे पर उत्साह और खुशी स्पष्ट रूप से झलक रही थी। बच्चों ने भी पूरी लगन से पढ़ाई करने और बेहतर परिणाम लाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम स्थल का वातावरण आशा, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा।
इस मौके पर उपस्थित अभिभावकों और ग्रामीणों ने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण कई बार बच्चों की पढ़ाई बाधित हो जाती है। ऐसे में इस प्रकार की पहल न केवल बच्चों को शिक्षा से जोड़ती है, बल्कि अभिभावकों को भी मानसिक और सामाजिक संबल प्रदान करती है। ग्रामीणों ने रामहरि पेरियार के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे सामाजिक दायित्व का अनुकरणीय उदाहरण बताया और भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम जारी रखने की अपील की।

