Chaibasa (चाईबासा) : सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगने वाले आवेदकों को टरकाना पश्चिमी सिंहभूम के सिविल सर्जन कार्यालय को भारी पड़ सकता है। टोंटो प्रखंड के हरताहातु निवासी मुकुंद सिंह लागुरी ने चेतावनी दी है कि यदि 15 फरवरी तक उन्हें मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं, तो वे राज्य जनसूचना आयोग, रांची में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे।

क्या है पूरा मामला?
मुकुंद सिंह लागुरी ने 26 नवंबर 2025 को झारखंड सरकार के अवर सचिव-सह-जनसूचना पदाधिकारी को पत्र लिखकर स्वास्थ्य विभाग से संबंधित 5 बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। इसमें जिले के कई प्रखंडों (खूँटपानी, मनोहरपुर, टोंटो, जगन्नाथपुर, कुमारडुंगी, सोनुआ, गोईलकेरा और मंझारी) के स्वास्थ्य विभाग के कामकाज का विवरण मांगा गया था।
अवर सचिव के आदेश की भी अनदेखी
शिकायतकर्ता के अनुसार, 1 दिसंबर 2025 को सरकार के अवर सचिव ने सिविल सर्जन कार्यालय को सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी अब तक कोई जानकारी साझा नहीं की गई है।
अधिकारियों को बचाने का आरोप
मुकुंद सिंह लागुरी ने अपनी लिखित शिकायत में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि :
”ऐसा प्रतीत होता है कि सिविल सर्जन कार्यालय सूचना देने में रुचि नहीं ले रहा है या फिर संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों की कमियों को छिपाने और उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है।”
इन प्रखंडों की मांगी गई है रिपोर्ट :
आरटीआई के तहत जिन प्रखंडों के स्वास्थ्य विभाग की जानकारी मांगी गई है, उनमें शामिल हैं:
- खूँटपानी और मनोहरपुर
- टोंटो और जगन्नाथपुर
- कुमारडुंगी और सोनुआ
- गोईलकेरा और मंझारी
प्रशासनिक सुस्ती और आरटीआई कानून के उल्लंघन का यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। 15 फरवरी की समयसीमा समाप्त होने के बाद यह मामला सीधे राज्य स्तर पर पहुंचने की पूरी संभावना है।
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