चाईबासा | 02 जनवरी 2026।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत ‘सड़क सुरक्षा – जीवन रक्षा’ अभियान के दूसरे दिन चाईबासा में यातायात जागरूकता का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। ‘सीख से सुरक्षा, तकनीक से परिवर्तन’ थीम पर आधारित इस अभियान में पुलिस प्रशासन के सहयोग से मुफस्सिल थाना प्रभारी विनोद कुमार के नेतृत्व में सरायकेला मोड़ के समीप ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को गांधीवादी तरीके से जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान हेलमेट व सीट बेल्ट नहीं पहनने वाले वाहन चालकों को न तो दंडित किया गया और न ही चालान काटा गया, बल्कि उन्हें गुलाब का फूल देकर एवं माला पहनाकर ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया। इस पहल ने सम्मान और सीख का अनूठा संगम प्रस्तुत किया।
गांधीवादी अंदाज़ में सुरक्षा का संदेश
थाना प्रभारी विनोद कुमार ने कहा कि यातायात नियम केवल कानून नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का माध्यम हैं। उन्होंने नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों को गुलाब भेंट कर यह संदेश दिया कि नियमों का पालन स्वयं और परिवार की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
“किस्मत के भरोसे नहीं, समझदारी के भरोसे चलें”
थाना प्रभारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क दुर्घटनाएं किस्मत से नहीं, बल्कि लापरवाही से होती हैं।
उन्होंने कहा, “जिंदा हैं, तो सुरक्षा का अहसास जरूरी है। यह सोच छोड़ दें कि किस्मत होगी तो बच जाएंगे। वाहन हमेशा समझदारी और नियमों के भरोसे चलाएं।”
प्रशासन की प्रमुख चेतावनियां व अपील
इंतजार की अहमियत समझें: आपकी एक लापरवाही किसी घर के इंतजार को जीवनभर के मातम में बदल सकती है।
ड्रिंक एंड ड्राइव पर जीरो टॉलरेंस: नशे की हालत में वाहन चलाना अपराध ही नहीं, जानलेवा जोखिम भी है।
दोस्ती की गलत परिभाषा से बचें: “गाड़ी तेरा भाई चलाएगा” जैसे जुमलों से दूर रहें। नशे में व्यक्ति को वाहन की चाबी न दें।
इस जागरूकता अभियान की आमजन ने सराहना की और इसे दंड के बजाय समझाइश से बदलाव की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।




