सरायकेला। सरायकेला अंचल अंतर्गत पोडाडीहा मौजा में प्रस्तावित गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) कार्यालय के निर्माण को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश गहराता जा रहा है।
मंगलवार को ग्राम प्रधान गांधी सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण आमसभा में ग्रामीणों ने एकजुट होकर सरकार की इस अधिग्रहण योजना के खिलाफ हुंकार भरी।

गोचर भूमि की कमी बनी मुख्य समस्या
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि गांव में पशुओं के लिए गोचर भूमि की पहले से ही भारी किल्लत है। ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में इसी मौजा की लगभग एक एकड़ सरकारी भूमि महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के लिए अधिग्रहित की जा चुकी है। अब प्रशासन द्वारा शेष बची लगभग तीन एकड़ भूमि को भी गृह रक्षा वाहिनी कार्यालय के लिए आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे ग्रामीणों में भारी असंतोष है।
आजीविका पर संकट और आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों का तर्क है कि यह भूखंड उनके मवेशियों के लिए एकमात्र चराई स्थल है। यदि इसे भी निर्माण कार्य के लिए ले लिया गया, तो पशुपालन पर आधारित ग्रामीणों की आजीविका पूरी तरह ठप हो जाएगी। आमसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर प्रशासन से मांग की गई कि:
प्रस्तावित योजना को किसी अन्य वैकल्पिक भूमि पर स्थानांतरित किया जाए।
ग्रामीणों की पारंपरिक चराई भूमि को यथावत रखा जाए. ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।








