सरायकेला: सरायकेला-खरसावाँ के पुलिस अधीक्षक द्वारा जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम से संबंधित लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के विभिन्न थानों के अनुसंधानकर्ता और वरीय पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक ने एक-एक कर सभी लंबित कांडों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने पाया कि कुछ पुराने मामलों में अनुसंधान की गति धीमी है, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। एसपी ने स्पष्ट किया कि समाज के वंचित वर्गों से जुड़े इन मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दिए गए मुख्य दिशा-निर्देश:
* त्वरित निष्पादन: सभी लंबित कांडों का निष्पादन निर्धारित समय सीमा के भीतर करने का निर्देश दिया गया।
* साक्ष्य संकलन: अनुसंधानकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि वे वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को मजबूत करें ताकि दोषियों को सजा मिल सके।
* पीड़ितों को न्याय: एसपी ने कहा कि पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है। अनावश्यक देरी से न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है।
* नियमित मॉनिटरिंग: संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे डायरी अपडेट रखें और पर्यवेक्षण टिप्पणियों का अक्षरशः पालन करें।
बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक ने सख्त लहजे में कहा कि जो अनुसंधानकर्ता जानबूझकर मामलों को लंबित रख रहे हैं, उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे पुलिस अनुसंधान में सहयोग करें ताकि कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जा सके।








