टाटा स्टील ने डीजीएमएस के तत्वावधान में ‘वूमन इन माइनिंग’ कॉन्क्लेव का सफल आयोजन किया

Ranchi (रांची), 26 नवंबर 2025: टाटा स्टील लिमिटेड ने खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) के तत्वावधान में ‘आज में बदलाव, कल की नई परिभाषा’ विषय पर आधारित ‘वूमन इन माइनिंग’ कॉन्क्लेव का आयोजन चाणक्य बीएनआर, गोसाईंटोला, रांची में किया। यह कार्यक्रम खनन क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका, सुरक्षा, नेतृत्व और समावेशन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

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कॉन्क्लेव में नियामक संस्थाओं, उद्योग जगत के वरिष्ठ विशेषज्ञों, प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों तथा महिला खनन पेशेवरों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने खनन उद्योग में बढ़ती महिला भागीदारी, चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।

यह आयोजन हाल ही में लागू किए गए श्रम कानून सुधारों की पृष्ठभूमि में विशेष महत्त्व रखता है, जिसके तहत ‘व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य शर्तों की संहिता’ के अनुसार अब महिलाओं को भूमिगत एवं ओपनकास्ट खानों में कार्य करने की अनुमति प्रदान की गई है। यह परिवर्तन देशभर में खनन क्षेत्र में लैंगिक विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।

दिनभर चले इस कार्यक्रम की शुरुआत पंजीकरण व नेटवर्किंग सत्र से हुई, जिसके बाद औपचारिक उद्घाटन समारोह आयोजित हुआ। इस अवसर पर डीजीएमएस, टाटा स्टील तथा प्रमुख खनन कंपनियों के विशिष्ट वक्ताओं ने अपने विचार रखे। मुख्य वक्ताओं में शामिल थे—
उज्जवल ताह, महानिदेशक (DGMS); डॉ. श्याम सुंदर प्रसाद, उप महानिदेशक (DGMS); वीर प्रताप सिंह, उप निदेशक (DGMS); शंकर नागाचारी, निदेशक, CMPDIL; संजीव कुमार सिन्हा, निदेशक, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड; संजय राजोरिया, जीएम (कोल), टाटा स्टील; अतुल कुमार भटनागर, जीएम (OMQ), टाटा स्टील; मेघना घोष, विमेन इन माइनिंग फोरम – इंडिया चैप्टर; जया सिंह पांडा, चीफ डायवर्सिटी ऑफिसर, टाटा स्टील; तथा डी. विजयेन्द्र, चीफ, नोआमुंडी आयरन माइन, टाटा स्टील।

कार्यक्रम में टाटा स्टील, एलएंडटी, कोल इंडिया, हिंदुस्तान जिंक, एनटीपीसी, सिंगरेनी कोलियरीज, लॉयड्स मेटल्स और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसी अग्रणी कंपनियों द्वारा महिलाओं को खनन के परिचालन क्षेत्रों में सक्षम बनाने हेतु किए जा रहे प्रयासों की प्रस्तुति दी गई। महिला पेशेवरों ने अपने अनुभव, प्रेरक यात्राएं और उपलब्धियाँ साझा कीं। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला टीमों को सम्मानित भी किया गया।

वरिष्ठ महिला नेतृत्वकर्ताओं द्वारा आयोजित उच्च स्तरीय पैनल चर्चा का केंद्र बिंदु था—लैंगिक विविधता को मजबूत करना, नेतृत्व विकास, प्रतिभा प्रतिधारण, सुरक्षित एवं समावेशी कार्यस्थल का निर्माण तथा भविष्य के लिए कौशल विकास।

चर्चा के प्रमुख विषयों में शामिल थे—

  • लैंगिक रूप से समावेशी खनन नीतियाँ

  • खनन में महिलाओं की नेतृत्व भूमिकाएँ

  • सुरक्षित एवं सक्षम कार्य वातावरण

  • ग्रामीण और जनजातीय महिलाओं की भागीदारी

  • बहु-हितधारक सहयोग

  • रूढ़ियों को तोड़ते हुए युवा महिलाओं का खनन क्षेत्र में प्रवेश

उद्योग विशेषज्ञों ने कहा कि महिलाओं एवं विविध लैंगिक समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक सुरक्षित, संवेदनशील और प्रोत्साहित करने वाले पारिस्थितिक तंत्र का विकास अत्यावश्यक है। टाटा स्टील ने भी समावेशी, न्यायसंगत और सतत खनन संचालन को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता पुनः दोहराई।

कॉन्क्लेव का समापन खुले मंच चर्चा और समापन संबोधन के साथ किया गया, जिसमें नियामक संस्थाओं, उद्योग जगत और समुदाय के साझेदारों के बीच निरंतर सहयोग को आगे बढ़ाने पर बल दिया गया। यह आयोजन खनन क्षेत्र के भविष्य को समानता, सशक्तिकरण और नेतृत्व के माध्यम से नई दिशा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हुआ।

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