आदिवासियों का अस्तित्व और अस्मिता को बचाने को लेकर आंदोलन हुआ तेज, आदिवासी समुदाय का विशेष सम्मेलन 20 नंवबर को

Chaibasa:-  कोल्हान आदिवासी एकता मंच की एक विशेष बैठक शुक्रवार को आदिवासी हो समाज के कला एवं संस्कृति भवन हरिगुटू में हुई। बैठक कोन्हान पोड़ाहाट मानकी मुंडा संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष गणेश पार्ट पिंगुवा की अध्यक्षता में हुआ।

 

बैठक में कुडमी-महतो के आंदोलन और कोल्हान आदिवासी एकता मंच के रणनीति पर चर्चा किया गया। साथ यह भी चर्चा किया गया कि आदिवासी की अस्थित्व और अस्मिता को बचाने वाला आंदोलन और कैसे तेज एवं मजबूती दिया जा सके। बैठक में मंच ने कुछ बदलाव करते हुए मंच का अध्यक्ष बिहार विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ चंपिया को बनाया। वहीं मुख्य संयोजक के रूप में पूर्व सिंहभूम और संथाल समाज के समाजसेवी कृष्णा हांसदा को बनाया। पूर्व पदाधिकारी अपने व्यक्तिगत कारणों से असमर्था प्रस्तुत किए थे। वहीं बैठक में महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए महिला ईकाई का गठन करने पर चर्चा किया गया। साथ ही कानूनी प्रकोष्ठ भी आदिवासी वाकिलों का बनाया गया। इसके साथ ही सोशाल मीडिया, तथ्य टीम, संकल्प टीम सहित सेमिनार आयोजन टीम भी बनाया गया। यह सेमिनार 20 नवंबर को हरिगुटू स्थित आदिवासी हो समाज कल्ब भवन आयोजित होगी। सेमिनार में राज्य भर के जानकारों को भी जानकारी देने के लिए बुलाने की सहमति बनी। सेमिनार में कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए जाएगें। सेमिनार में पूरे कोल्हान के लीडरों को भी बुलाया गया है। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण निर्णाय लिए गए जो कि समय के साथ अमल में लाए जाने की निर्णय लिया गया। बैठक में हो समाज, संथाल समाज, उरांव समाज, भूमिज समाज, मुंडा समाज सहित अन्य आदिवासी समाज एवं 21 आदिवासी संगठनों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक में सनातन पाट पिंगुवा, साईमन लागुरी, मुकेश बिरूवा, रमेश्वर तयसुम, उमा शंकर पाडेया, सुबेदार बिरूवा, लालु कुजूर, सोनाराम लागुरी, मुरारी अल्डा, युधिष्ठिर सवैयां, राहुल पुरती सहित कोल्हान आदिवासी एकता मंच के पदाधिकारी एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

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