जगन्नाथपुर (पश्चिमी सिंहभूम): आदिवासी हो समाज युवा महासभा जागरूकता अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं तथा कम उम्र के बच्चों में बढ़ती बीड़ी-सिगरेट और अन्य नशे की प्रवृत्ति को लेकर नोवामुंडी प्रखंड के पोखरपी टोला बिचागुटू गांव में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में महासभा के पदाधिकारियों ने विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना।
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी समस्याओं को सामाजिक प्रतिनिधियों के समक्ष रखा तथा इनके समाधान के लिए सहयोग की मांग की। सामाजिक प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए आवश्यक सुझाव दिए।
चक्रधरपुर: आदिवासी हो समाज नुक्कड़ सभा: सामाजिक जागरूकता का संदेश

आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय संगठन सचिव गोपी लागुरी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए सबसे पहले सामाजिक जागरूकता जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण अपने अधिकारों और सरकारी प्रक्रियाओं के बारे में जागरूक होंगे तो वे आसानी से संबंधित विभागों और अधिकारियों तक अपनी समस्याएं पहुंचा सकेंगे और उनका समाधान संभव हो सकेगा।
प्रदेश कोषाध्यक्ष शंकर सिदु ने कहा कि गांवों में कम उम्र के बच्चों में बीड़ी-सिगरेट और अन्य नशे की आदत तेजी से बढ़ रही है, जो समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि बच्चों और अभिभावकों के बीच सम्मान की भावना कम होती जा रही है, जिसके कारण कम उम्र में ही बच्चे नशे की ओर आकर्षित हो रहे हैं। इससे समाज में कई अप्रिय और आपराधिक घटनाएं भी बढ़ रही हैं।

उन्होंने बताया कि आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के तत्वावधान में नेशनल आदिवासी रिवाइवल एसोसिएशन, सिंगी एंड सिंगी सोसाइटी तथा मिलन चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से लगातार सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से भाषा और संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन तथा लोगों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
बैठक में लोकेसाई ग्रामीण मुंडा बामिया बोबोंगा, गोनो लागुरी, चट्टान सिंह लागुरी, विक्रम लागुरी, किष्ठो लागुरी, रोशन लागुरी, जेम्स लागुरी, सुरेश लागुरी, बुधराम लागुरी सहित कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
http://आदिवासी हो समाज महासभा अधिवेशन 2026: परंपरा संरक्षण पर ऐतिहासिक निर्णय








