चाईबासा। दक्षिण-पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल के चाईबासा रेल खंड में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया। चाईबासा और पंडराशाली स्टेशन के बीच थर्ड लाइन पर पेट्रोलिंग कर रहे 48 वर्षीय ट्रैक मेंटेनर नंदलाल गोप की ट्रेन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसा सुबह लगभग 6:30 बजे हुआ, जिससे पूरे रेल मंडल में शोक की लहर है।
रात्रि पेट्रोलिंग के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार नंदलाल गोप नियमित रात्रि गश्ती के तहत ट्रैक निरीक्षण के लिए निकले थे। प्रतिदिन की तरह मंगलवार सुबह भी वे चाईबासा-पंडराशाली खंड में पटरी का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान एक ट्रेन अचानक उसी ट्रैक पर आ गई। तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
रेल मंडल में शोक, परिवार में कोहराम
दुर्घटना की खबर फैलते ही चक्रधरपुर रेल मंडल के रेल कर्मचारियों में गहरा शोक छा गया। सहकर्मियों ने बताया कि नंदलाल गोप अपने काम को गंभीरता और ईमानदारी से करने वाले अनुभवी कर्मी थे। उनकी मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है।
रेलवे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि ट्रैक मेंटेनर अक्सर सबसे अधिक जोखिम वाले कार्यों में शामिल रहते हैं, क्योंकि उन्हें हर मौसम और हर परिस्थिति में पटरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होती है।
रेलवे में सुरक्षा को लेकर सवाल
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब हाल में रेलवे बोर्ड और जोनल रेलवे द्वारा ट्रैक पेट्रोलिंग और सुरक्षा मानकों को लेकर कई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में कई ट्रैक मेंटेनर इसी तरह की दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवा चुके हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्थाओं पर प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
जांच के आदेश, मुआवजे की घोषणा
दक्षिण-पूर्व रेलवे प्रशासन ने घटना की पुष्टि करते हुए विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों ने बताया कि मृतक नंदलाल गोप के परिवार को रेलवे नियमों के तहत मुआवजा और अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।
रेलवे प्रशासन ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पेट्रोलिंग के दौरान सुरक्षा उपायों को और कड़ा किया जाएगा।

