चाईबासा | संवाददाता
नए साल के चौथे दिन चक्रधरपुर रेल मंडल में एक बार फिर ड्यूटी के दौरान ट्रैक मेंटेनर की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है। चाईबासा पीडब्ल्यूआई के अंतर्गत पांड्राशाली और राजखरसवां के बीच रेलवे ट्रैक पर झाड़ी (बुश) कटिंग का कार्य करते समय ट्रैक मेंटेनर लंका पुरती की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा रविवार सुबह करीब 10:30 बजे हुआ।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक मेंटेनर लंका पुरती (उम्र लगभग 44–45 वर्ष) ग्रेड पे 1900 में कार्यरत थे। वे 301-17A/19A थर्ड लाइन पर डाउन दिशा में झाड़ी कटिंग का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान डाउन लाइन से आ रही मालगाड़ी की चपेट में आने से उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। बताया गया कि उन्हें रेलवे अधिकारियों द्वारा उक्त कार्य सौंपा गया था।
घटना के बाद ऑल इंडिया रेलवे ट्रैक मेंटेनर यूनियन ने गहरा शोक व्यक्त किया है। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चांद मोहम्मद ने सवाल उठाया कि आखिर कब तक ट्रैक मेंटेनर रेलवे ट्रैक पर अपनी जान गंवाते रहेंगे और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कब तय होगी। उन्होंने बताया कि वर्ष की शुरुआत में ही यह दर्दनाक घटना हुई है, जबकि पिछले एक वर्ष में 11 ट्रैक मेंटेनर शहीद हो चुके हैं।
मृतक लंका पुरती झींकपानी थाना क्षेत्र के टुटुगुटू गांव के निवासी थे। उनके परिवार में पत्नी सावित्री पुरती, एक बेटी चांदमुनी पुरती (16 वर्ष) तथा दो पुत्र मनीष पुरती (14 वर्ष) और सावन पुरती (12 वर्ष) हैं। उनकी कुल पांच संतानें हैं, जिनमें से दो बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटी एवं दो बेटे वर्तमान में अध्ययनरत हैं। घटना से परिवार में कोहराम मच गया है।
घटना के बाद पोस्टमार्टम हाउस के पास रेलवे विभाग और यूनियन से जुड़े कई लोग उपस्थित रहे। इनमें लालू कुजूर (अर्बन बैंक डेलीगेट), खेत्रो मोहन देवगम (SSE), रेल कर्मचारी दुर्गा प्रसाद धवाड़ियां, नरेंद्र वर्मा, अनिरुद्ध प्रधान सहित अन्य ट्रैक मेंटेनर एवं पदाधिकारी शामिल थे। सभी ने मृतक के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और रेलवे प्रशासन से ट्रैक मेंटेनरों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग की।
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