चाईबासा: 75% स्थानीय रोजगार गुवा सेल की मांग को लेकर चाईबासा के गुवा क्षेत्र में ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। गुवा थाना क्षेत्र के काशिया पेचा गांव में 11 गांवों के ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि राजाबुरु खदान में 75 प्रतिशत स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं दिया गया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता मुंडा मंगता सुरीन ने की। ग्रामीणों का कहना है कि 13 फरवरी को मांग पत्र सौंपे जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
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75% स्थानीय रोजगार गुवा सेल की मांग क्यों?
ग्रामीणों का तर्क है कि गुवा स्थित Steel Authority of India Limited (SAIL) की Rajaburu Mine क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा पर आधारित है, इसलिए प्राथमिकता स्थानीय युवाओं को मिलनी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय बेरोजगारी दर लगातार बढ़ रही है, जबकि बाहरी श्रमिकों को प्राथमिकता दी जा रही है।
आंदोलन की तैयारी और चेतावनी
बैठक में स्पष्ट निर्णय लिया गया कि यदि 75% स्थानीय रोजगार गुवा सेल की मांग पर सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो खदान का उत्पादन कार्य बाधित किया जाएगा और चक्का जाम किया जाएगा।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन मांग पूरी होने तक जारी रहेगा।
बैठक में शामिल प्रमुख लोग
बैठक में जोजोगुटू के राजेश सांडिल, सोनापी के बामिया मांझी, काशिया पेचा के सिंगा सुरीन समेत कई ग्रामीण मौजूद थे। सभी ने एकजुट होकर कहा कि 75% स्थानीय रोजगार गुवा सेल की मांग जायज है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
क्षेत्रीय प्रभाव
गुवा क्षेत्र, जो पश्चिमी सिंहभूम जिले में आता है, खनन गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। यदि आंदोलन तेज हुआ, तो उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा।
निष्कर्ष
75% स्थानीय रोजगार गुवा सेल की मांग अब जनआंदोलन का रूप लेती दिख रही है। 11 गांवों की एकजुटता यह संकेत देती है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो गुवा क्षेत्र में बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है। अब देखना यह है कि सेल प्रबंधन ग्रामीणों की मांग पर क्या निर्णय लेता है।
http://राजाबुरु खदान में स्थानीयों को रोजगार देने की मांग, 13 फरवरी को आंदोलन की चेतावनी








