Adityapur (आदित्यपुर) : सरायकेला जिले के आदित्यपुर नगर निगम चुनाव की रणभेरी बजते ही वार्ड नंबर 29 में चुनावी तपिश बढ़ गई है। इस चर्चित वार्ड को लेकर पिछले कई दिनों से बना सस्पेंस अब आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है। निवर्तमान पार्षद स्वर्गीय राजमणि देवी की राजनीतिक विरासत को अब उनकी बहू अर्चना सिंह आगे बढ़ाएंगी।
भावनात्मक मोड़ पर वार्ड-29 का चुनाव
वार्ड नंबर 29 केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि दिवंगत राजमणि देवी का गढ़ रहा है। उनके नाम झारखंड में सबसे अधिक मतों से जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड है। उनके आकस्मिक निधन के बाद क्षेत्र की जनता के बीच जो एक ‘भावनात्मक खालीपन’ आया था, उसे भरने के लिए अब परिवार ने अर्चना सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है।

महिला आरक्षण ने तय की भूमिका
इस बार निर्वाचन आयोग द्वारा वार्ड-29 को महिला आरक्षित घोषित किया गया है। इसके बाद से ही राजमणि देवी के उत्तराधिकारी को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। राजमणि देवी के बड़े पुत्र मनमोहन सिंह ने इन अटकलों पर विराम लगाते हुए अपनी पत्नी अर्चना सिंह की दावेदारी की औपचारिक घोषणा कर दी है।
“अधूरे सपनों को पूरा करना ही एकमात्र लक्ष्य”
मनमोहन सिंह ने क्षेत्र की जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि उनकी माता राजमणि देवी ने वार्ड के विकास के लिए जो सपने देखे थे, उन्हें अर्चना सिंह पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, “यह चुनाव केवल पार्षद चुनने का नहीं, बल्कि विकास की उस निरंतरता को बनाए रखने का है जिसकी नींव मेरी माता जी ने रखी थी।”
बढ़ती सियासी तपिश और चुनावी समीकरण
अर्चना सिंह की दावेदारी ने न केवल वार्ड-29 बल्कि पूरे आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के राजनीतिक समीकरणों को हिला दिया है। विरासत और सहानुभूति की लहर के बीच विरोधियों के लिए यह मुकाबला कड़ी चुनौती साबित हो सकता है। अब क्षेत्र की जनता की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अर्चना सिंह अपनी सासू माँ के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को दोहरा पाएंगी।








