जमशेदपुर: जमशेदपुर में उद्योगपति के पुत्र कैरव गांधी अपहरण कांड से जुड़े बिहार के अपराधियों के साथ गुरुवार देर रात पुलिस की मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के दौरान बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे बाल-बाल बच गए, जबकि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तीन अपराधियों के पैर में गोली लगी है। घायल अपराधियों को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि घायल अपराधियों की पहचान गुड्डू सिंह, मोहम्मद इमरान और रमीज राजा के रूप में हुई है। तीनों बिहार के गया और नालंदा जिले के निवासी हैं। मुठभेड़ बिष्टुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत साईं मंदिर के पास रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच हुई।
कैरव गांधी अपहरण मामला: 13 दिनों बाद सकुशल बरामद, पुलिस की बड़ी कामयाबी

हथियार बरामदगी के दौरान हुई फायरिंग
पुलिस पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर तीनों अपराधियों को हथियार बरामदगी के लिए घटनास्थल पर ले गई थी। इसी दौरान अपराधियों ने एक कांस्टेबल से कार्बाइन छीनकर पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तीनों अपराधियों के निचले अंगों में गोली लगी।
पुलिस ने मौके से कार्बाइन सहित अन्य हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं। सिटी एसपी के अनुसार पुलिस ने कुल पांच राउंड फायरिंग की।

DGP कर सकती हैं आधिकारिक ब्रीफिंग
शुक्रवार को डीजीपी तादाशा मिश्रा पूरे मामले को लेकर आधिकारिक ब्रीफिंग कर सकती हैं। उल्लेखनीय है कि 13 जनवरी को युवा उद्योगपति कैरव गांधी का अपहरण हुआ था, जिन्हें पुलिस ने 27 जनवरी को 14 दिन बाद सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा था।
इस मामले में पुलिस अब तक आधा दर्जन से अधिक अपराधियों को हिरासत में ले चुकी है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल एमजीएम अस्पताल सहित पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान और भी अहम खुलासे होंगे।








