पश्चिमी सिंहभूम: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम अवैध शराब छापेमारी अभियान के तहत उत्पाद विभाग ने अवैध नशा कारोबार पर कड़ा प्रहार किया है। चाईबासा क्षेत्र के मझगांव और बंदगांव प्रखंडों में चल रहे अवैध महुआ शराब निर्माण के खिलाफ की गई इस कार्रवाई में भारी मात्रा में शराब और कच्चा माल जब्त किया गया। प्रशासन की इस सख्ती से शराब माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

गुप्त सूचना पर हुई पश्चिमी सिंहभूम अवैध शराब छापेमारी
उत्पाद अधीक्षक रंजन तिवारी को गुप्त सूचना मिली थी कि क्षेत्र के कई गांवों में अवैध महुआ शराब का निर्माण और बिक्री बड़े पैमाने पर हो रही है। सूचना मिलते ही उत्पाद निरीक्षक निर्भय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर त्वरित छापेमारी अभियान चलाया गया।

छापेमारी मुख्य रूप से इन इलाकों में की गई:
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कराईकेला (बंदगांव)
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खड़पोश (मझगांव)
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ब्रह्मापानी (मझगांव)
छापेमारी में बरामदगी का पूरा विवरण
कराईकेला (बंदगांव)
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80 लीटर तैयार देसी शराब जब्त
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2,000 किलो जावा महुआ नष्ट
मझगांव क्षेत्र
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40 लीटर शराब बरामद
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1,000 किलो महुआ नष्ट
इस प्रकार कुल 3000 KG जावा महुआ मौके पर ही नष्ट किया गया, जिससे अवैध शराब निर्माण की बड़ी खेप बनने से पहले ही रोक दी गई।

गिरफ्तारी और फरार आरोपी
पश्चिमी सिंहभूम अवैध शराब छापेमारी के दौरान:
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खड़पोश गांव से रमेश गोप गिरफ्तार
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ब्रह्मापानी का आरोपी असरल तिरिया फरार
फरार आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तलाश में छापेमारी जारी है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
उत्पाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों के अनुसार:
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नशा कारोबार जड़ से खत्म किया जाएगा
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शामिल लोगों पर कठोर कानूनी कार्रवाई होगी
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ग्रामीण क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाएगी
पश्चिमी सिंहभूम में क्यों बढ़ता है अवैध महुआ शराब कारोबार?
विशेषज्ञों के अनुसार इसके मुख्य कारण हैं:
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जंगल क्षेत्रों में महुआ की आसान उपलब्धता
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आर्थिक तंगी
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अवैध नेटवर्क की सक्रियता
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सीमावर्ती तस्करी मार्ग
इसलिए प्रशासन अब स्रोत स्तर पर कार्रवाई की रणनीति अपना रहा है।








