सूर्यधाम सिदगोड़ा में भव्य नगर भ्रमण, शिवलिंग और गरुड़ जी की शोभायात्रा से भक्तिमय हुआ जमशेदपुर

सूर्यधाम सिदगोड़ा शोभायात्रा

सूर्यधाम सिदगोड़ा शोभायात्रा के तहत जमशेदपुर के सिदगोड़ा स्थित सूर्यधाम मंदिर सिदगोड़ा में आयोजित चार दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के दूसरे दिन गुरुवार को भव्य नगर भ्रमण सह शोभायात्रा निकाली गई। श्री शिवलिंग पुनर्स्थापना, प्राण प्रतिष्ठा, गरुड़ स्तंभ स्थापना एवं राम मंदिर स्थापना की छठी वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम से पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।

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सूर्यधाम सिदगोड़ा शोभायात्रा

वैदिक विधि से शुरू हुई शोभायात्रा

शोभायात्रा की शुरुआत श्रीराम मंदिर परिसर से हुई, जहां अयोध्याधाम से पधारे यज्ञाचार्य पंडित भूषण जी महाराज ने ध्वज पूजन एवं नारियल फोड़कर यात्रा का शुभारंभ कराया। यात्रा सिदगोड़ा के प्रमुख मार्गों से होते हुए 28 नंबर रोड तक पहुंची और पुनः सूर्यधाम परिसर में संपन्न हुई।

इस दौरान झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास तथा सूर्य मंदिर समिति के संरक्षक चंद्रगुप्त सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ जय श्रीराम के जयघोष लगाते हुए शोभायात्रा में भाग लिया।

सूर्यधाम सिदगोड़ा शोभायात्रा

आकर्षक झांकियां बनीं मुख्य आकर्षण

शोभायात्रा में सजे-धजे घोड़े, वैदिक मंत्रोच्चार करते आचार्यों का दल, सिंग-बाजा एवं धार्मिक धुनों पर झूमता बैंड लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। फूलों से सुसज्जित रथ पर विराजमान शिवलिंग एवं गरुड़ जी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

मार्ग में जगह-जगह पुष्पवर्षा और आतिशबाजी से यात्रा का स्वागत किया गया। भक्ति गीतों की धुन पर युवा एवं महिलाएं केसरिया ध्वज लेकर नृत्य करते नजर आए। “जय श्रीराम” और “हर हर महादेव” के उद्घोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

रोशनी और सजावट से जगमगाया सूर्यधाम

राम मंदिर स्थापना वर्षगांठ के अवसर पर मंदिर परिसर, पार्क एवं आसपास के क्षेत्रों को फूलों और रंगीन रोशनी से आकर्षक रूप से सजाया गया है। शाम होते ही पूरा सूर्यधाम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया।

आयोजन समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, महासचिव अखिलेश चौधरी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, महिलाएं, युवा एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

आगे के कार्यक्रम

शुक्रवार को अरणी मंथन, प्राण प्रतिष्ठा एवं यज्ञ-हवन आयोजित किया जाएगा, जबकि शनिवार को पूजन, सुंदरकांड पाठ, दीपोत्सव, आतिशबाजी और महाभंडारा के साथ धार्मिक अनुष्ठान का समापन होगा।

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