सरायकेला। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सरायकेला में दवा खरीद से जुड़ी संभावित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है। दवाओं की खरीद, भंडारण और वितरण से संबंधित अभिलेखों की अनुपलब्धता ने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला दिया है। विशेष रूप से दवा स्टॉक का मुख्य रिकॉर्ड मानी जाने वाली भंडार पंजी (स्टॉक रजिस्टर) के गायब होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।
बारिश में नष्ट होने का दावा, उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान दवा खरीद से संबंधित भुगतान और वाउचर तो उपलब्ध हैं, लेकिन दवाओं की वास्तविक प्राप्ति और वितरण का स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिल सका है। संबंधित कर्मियों का कहना है कि भंडार पंजी बारिश के कारण नष्ट हो गई। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने इस दावे को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
उप विकास आयुक्त के निरीक्षण में खुला मामला
11 जून को उप विकास आयुक्त रीना हसदा द्वारा सीएचसी सरायकेला का औचक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान दवा भंडारण से जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके अलावा कई प्रशासनिक और वित्तीय विसंगतियां भी सामने आईं। निरीक्षण के बाद जारी पत्र में कहा गया कि अभिलेखों के अभाव में दवाओं की खरीद, भंडारण और निर्गमन का सत्यापन संभव नहीं है।
स्पष्टीकरण तलब, कार्रवाई की चेतावनी
मामले को गंभीर मानते हुए प्रथम चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. समीर से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर उठे प्रश्न
इस प्रकरण ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दवा खरीद प्रक्रिया, अभिलेखों के रखरखाव और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और प्रशासन द्वारा की जाने वाली आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।







