जमशेदपुर/सरायकेला: चांडिल थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच-33 स्थित टेंथ माइल स्टोन रिसॉर्ट में युवा कारोबारी निखार सबलोक की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई सनसनीखेज हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है।
जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एहतेशाम वाकरीब और सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मनोज स्वर्गियरी ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन कर मामले का आधिकारिक खुलासा किया।

जमीन विवाद और गिरोहों की रंजिश बनी वजह
प्रेस वार्ता में एसएसपी ने बताया कि हत्याकांड के पीछे मुख्य कारण होटल कारोबार और चांडिल थाना क्षेत्र में जमीन से जुड़ा पुराना विवाद था। जांच में सामने आया कि दो गुटों के आपसी टकराव के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। इस साजिश में गैंगस्टर अखिलेश सिंह और गणेश सिंह से जुड़े गिरोहों व जमीन के मामलों में संलिप्तता की कड़ियों की गहन जांच की जा रही है। आरोपियों द्वारा अपराध से अर्जित की गई अवैध संपत्तियों की भी जांच की जाएगी।
15 लाख की सुपारी, यूपी से बुलाए गए थे शूटर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, निखार सबलोक की हत्या के लिए ₹15 लाख की सुपारी तय की गई थी, हालांकि पैसों के अंतिम लेन-देन से पहले ही विवाद हुआ। साजिश के तहत उत्तर प्रदेश (सुल्तानपुर) से शूटरों को बुलाया गया था। वारदात में कुल दो शूटर शामिल थे। मुख्य साजिशकर्ताओं में अशोक राघव का नाम प्रमुखता से सामने आया है, जिसके माध्यम से शूटरों और अन्य सहयोगियों को जोड़ा गया।
रेकी से लेकर हत्या तक की सुनियोजित साजिश
सरायकेला एसपी ने बताया कि वारदात पूरी तरह सुनियोजित थी। शूटरों को सोनारी क्षेत्र में ठहराया गया था। चालक सुनील आई-10 कार चला रहा था, जिसमें पीछे दोनों शूटर और आगे रितेश बैठा था। रितेश ने होटल में घुसकर 10 मिनट पहले निखार सबलोक के कपड़ों और हुलिए की पहचान (स्पॉटिंग) की। इसके बाद दोनों शूटरों ने अंदर जाकर अंधाधुंध फायरिंग की और कार से फरार होकर टोल प्लाजा से बचते हुए रांची की ओर भागे, जहां बाद में गाड़ी छोड़ दी।
हथियार, वाहन और बरामदगी
सरायकेला के डोबो क्षेत्र से गिरफ्तारी करते हुए पुलिस ने एक रिवॉल्वर, एक देसी पिस्टल तथा वारदात में प्रयुक्त आई-10 कार बरामद की है। घटना में शामिल शूटर, लाइनर और वाहन उपलब्ध कराने वाले कुल 6 आरोपियों को दबोच लिया गया है, जबकि अन्य फरार संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।






