गुवा संवाददाता। पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा सेवा नगर में एक महिला ने अपने ही देवर पर सेल प्रबंधन द्वारा उसके नाम आवंटित क्वार्टर पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि लगातार बारिश में उसका कच्चा मकान पूरी तरह ढह गया है, लेकिन आवंटित सेल क्वार्टर पर कब्जे के कारण वह अपनी चार बेटियों के साथ खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है।
सेवा नगर निवासी संतोषी करुवा ने इस मामले को लेकर गुवा थाना में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, संतोषी गुवा सेल में ठेका मजदूर के रूप में कार्यरत हैं। सेल प्रबंधन ने उन्हें रहने के लिए सेवा नगर स्थित सी-टाइप क्वार्टर संख्या बीसी-97 आवंटित किया था।
बारिश ने छीन लिया सिर से आशियाना
संतोषी करुवा ने बताया कि वह अपनी चार बेटियों के साथ पति द्वारा बनाए गए कच्चे मकान में रह रही थीं। लगातार हुई बारिश के कारण मिट्टी का मकान पूरी तरह ढह गया। मकान के क्षतिग्रस्त होने के बाद परिवार के सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
महिला के मुताबिक, फिलहाल वह अपनी बेटियों के साथ तिरपाल लगाकर रहने को विवश हैं। बारिश के मौसम में इस तरह रहना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया है।
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देवर पर क्वार्टर में अवैध कब्जे का आरोप
शिकायत में संतोषी करुवा ने अपने देवर गुरुचरण करुवा पर सेल द्वारा उनके नाम आवंटित क्वार्टर पर कब्जा किए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्होंने कई बार देवर से क्वार्टर खाली करने का आग्रह किया, लेकिन अब तक आवास खाली नहीं किया गया।
महिला ने बताया कि इस मामले की जानकारी सेल प्रबंधन को भी लिखित रूप से दी जा चुकी है। इसके बावजूद उन्हें अब तक आवास का वास्तविक लाभ नहीं मिल पाया है।
पांच महीने से लगा रही हैं गुहार
संतोषी करुवा के अनुसार, करीब पांच महीने पहले भी उन्होंने गुवा थाना में क्वार्टर खाली कराने को लेकर आवेदन दिया था। इसके बाद भी मामले का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने 2 सितंबर को दोबारा लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन उनका कहना है कि अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
चार बेटियों के साथ खुले में रहने की मजबूरी
महिला ने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि सेल प्रबंधन द्वारा उनके नाम आवंटित क्वार्टर को कब्जे से मुक्त कराकर उन्हें सौंपा जाए।
उन्होंने कहा कि उनका कच्चा मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और ऐसी स्थिति में परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। चार बेटियों के साथ खुले में या तिरपाल के नीचे रहने से उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अब देखना यह है कि गुवा थाना और सेल प्रबंधन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं और महिला को आवंटित आवास कब तक खाली कराया जाता है।








