Gua (गुवा): सेल की मेघाहातुबुरु लौह अयस्क खदान में मजदूरों, कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सेल प्रबंधन के साथ बैठक की। केंद्रीय अध्यक्ष रामा पाण्डे के नेतृत्व में हुई यह बैठक जनरल ऑफिस सभागार में आयोजित की गई, जिसमें करीब दस प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
मेघाहातुबुरु खदान में बाहरी भर्ती के विरोध में मजदूरों का जोरदार प्रदर्शन

बैठक में सबसे प्रमुख रूप से चिकित्सा सुविधाओं में सुधार का मामला उठाया गया। यूनियन ने किरीबुरू-मेघाहातुबुरु जनरल अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने, स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति, फिजियोथेरेपी सेवा शुरू करने, ब्लड बैंक की सुविधा विकसित करने और गंभीर मरीजों के लिए बेहतर रेफरल व्यवस्था की मांग रखी।
यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि फिजियोथेरेपी सेवा शुरू करने के लिए पहले भी प्रबंधन को पत्र दिया जा चुका है, लेकिन अब तक सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। इस पर प्रबंधन की ओर से बताया गया कि स्थायी फिजियोथेरेपिस्ट की व्यवस्था होने तक बोकारो से फिजियोथेरेपी सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। वहीं ब्लड बैंक के लिए एलिशा मशीन खरीदने हेतु फंड स्वीकृत किए जाने की जानकारी भी दी गई।
गंभीर मरीजों के लिए एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस उपलब्ध कराने तथा ‘लाइफ सेविंग फर्स्ट’ के तहत आपात स्थिति में तत्काल उपचार सुनिश्चित करने की मांग भी बैठक में रखी गई।
इसके अलावा कर्मचारियों के आवासों की मरम्मत, असुरक्षित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा सेफ्टी कमेटी में सभी श्रमिक संगठनों को प्रतिनिधित्व देने का मुद्दा उठाया गया।
ठेका श्रमिकों से जुड़े मामलों में पीपीई उपलब्ध कराने, निर्धारित ड्यूटी और सभी वैधानिक सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की गई। प्रबंधन ने ड्यूटी रोस्टर के आधार पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही।
स्टेकर संचालन में कार्यरत अनस्किल्ड श्रमिकों की जगह स्किल्ड श्रेणी लागू करने और समान काम के लिए समान वेतन की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन भी प्रबंधन की ओर से दिया गया।
बैठक के दौरान यूनियन ने मेघाहातुबुरु खदान में पूर्ण स्थायी आदेश लागू करने की मांग भी प्रमुखता से रखी। यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रबंधन के साथ संवाद आगे भी जारी रहेगा।








