दीपावली से पूर्व लॉकडाउन उल्लंघन के मामले वापस लें सीएम हेमंत सोरेन -डॉ.अजय

Jamshedpur:-  पूर्व सांसद पूर्व I.P.S और झारखंड में गठबंधन सरकार को लगातार सुझाव देने के लिए चर्चित डॉ.अजय कुमार ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक और जबर्दस्त सुझाव दिया है. आज जब मुख्यमंत्री राज्य में कुछ अहम फैसले लेने वाले हैं ऐसी परिस्थिति में डाॅ.अजय का यह सुझाव पत्र झारखंड के निवासियों के लिए बड़ी राहत की उम्मीद साबित हुई है.

आज सीएम हेमंत सोरेन को पत्र लिख कर लॉकडाउन उल्लंघन के दर्ज मामलों को वापस लेने का अनुरोध डाॅ. अजय ने किया है. जिसकी प्रतिलिपि उन्होंने मुख्य सचिव को भी भेजी है.
सीएम को भेजे गए इस सुझाव पत्र में डॉ.अजय ने कहा है कि गठबंधन सरकार के 1000 दिन पूरे होने पर सरकार ने जनता के लिए कुछ अहम और बड़े वादे पूरे किए हैं. इसके लिए डॉक्टर अजय ने हेमंत सोरेन को बधाई भी दी है. साथ ही कहा है कि एक जरूरी मांग जिस पर हम सभी का ध्यान नहीं गया है. यह झारखंड की जनता के लिए दीपावली का तोहफा साबित हो सकता है.
उन्होने कहा कि कोरोनाकाल के दौरान जाने-अनजाने में राज्य के जरूरतमंद लोगों को घर से बाहर निकलना ही पड़ता था जिसके कारण विकट परिस्थितियों में ड्यूटी पर तैनात पुलिस, प्रशासनिक दंडाधिकारी और अन्य सरकारी कर्मचारियों की भी मजबूरी थी कि वह मामला दर्ज कर ऐसी गलतियों पर रोक लगाएं. इस परिस्थिति में राज्य के विभिन्न जिलों में जनता पर सैकड़ों केस न्यायालयों में लंबित हैं. जिससे केस का बोझ भी बढ़ा है. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं में न सिर्फ रोजगार वाले बल्कि बेरोजगार आदमी भी थानों और न्यायालयों के चक्कर काट रहे हैं. देश के कुछ राज्यों में सरकार ने लॉकडाउन उल्लंघन के मामले वापस लिए हैं, ताकि आम आदमी को राहत मिले.इसी तरह झारखंड में भी लंबित सभी मामलों को वापस लेने की पहल हो सकती है.

डॉ.अजय ने कहा कि इस विषय पर सरकार गंभीरतापूर्वक विचार कर दीपावली से पूर्व इस मुद्दे पर निर्णय ले तो यह वैसे पीड़ित परिवारों के लिए एक उपहार स्वरूप होगा जो लॉकडाउन उल्लंघन केस के कारण परेशान हैं.

वास्तव में देखें तो अगर यह मांग पूरी हुई तो झारखंड में यह सरकार की बड़ी घोषणा साबित होगी. इससे न सिर्फ कोर्ट और थानों पर लंबित मामलों में बोझ कम होगा. बल्कि हजारों व्यापारियों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिल सकती है. इस सुझाव के बाद उम्मीद जगी है कि मुख्यमंत्री जल्द ही इस पर निर्णय लेंगे क्योंकि जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर हेमंत सरकार अब ताबड़तोड़ फैसले ले रही है.

बताते चलें कि अब तक देश में यूपी, केरल, महाराष्ट्र, दिल्ली, तमिलनाडू जैसे राज्यों में लाॅकडाऊन उल्लंघन के दर्ज मामले राज्य सरकारों ने वापस लिए हैं. बीते 29 सितंबर को ही केरल के मुख्यमंत्री पीनाराई विजयन ने भी लाॅकडाउन उल्लंघन के दर्ज मामले वापस लेने की घोषणा की है.

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