Adityapur JLKM jammed the company gate: बीमार मजदूर की घर में मौत के बाद जेएलकेएम ने कंपनी गेट किया जाम ,15 लाख मुआवजा की मांग के साथ लाश रख रातभर डटे

Adityapur:बीमार चल रहे मजदूर के घर में मौत मामले के बाद झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा, जेएलकेएम के नेताओं ने मृतक के लाश को कंपनी गेट पर रखकर मुआवजे की मांग के साथ रात भर डटे रहे।

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कंपनी गेट पर लाश के साथ परिजन

आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र ऑटो क्लस्टर के पीछे हथियाडीह स्थित सोनी ऑटो एंड एलाइड कंपनी यूनिट 3 में कार्यरत ठेका मजदूर सर्वेश्वर महतो (40 वर्ष) की मौत होने से नाराज परिजनों के साथ जेएलकेएम नेताओं ने शनिवार दोपहर 3 बजे से लाश गेट पर लाकर रख दिया और रात भर मुआवजा की मांग को लेकर डटे रहे। कंपनी में कार्यरत ठेका मजदूर सर्वेश्वर महतो मंगलवार 22 जुलाई को नाइट शिफ्ट ड्यूटी में रात 10 बजे आए थे, इस बीच रात तकरीबन 2 बजे उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद मृतक खुद बाइक चलाकर घर जाने की बात कि, जिस पर प्रबंधन द्वारा कंपनी के अन्य कर्मचारियों के साथ दूसरे वाहन से उन्हें घर पहुंचाया गया। 2 दिन घर में ही रहकर मृतक आराम कर रहे थे ,इस बीच शुक्रवार को रात्रि में मजदूर सर्वेश्वर महतो की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों के साथ पार्टी नेताओं ने मुआवजा की मांग को लेकर लाश लाकर कंपनी गेट पर रख दिया।

कंपनी गेट पर विरोध करने वालों के लिए बनता खाना

कंपनी गेट पर पड़ा रहा लाश, दूसरी तरफ बन रहा था खाना

शनिवार देर रात तक मुआवजा की मांग को लेकर सैकड़ो की संख्या में जेएलकेएम से जुड़े कार्यकर्ता मौजूद रहे। वही एक तरफ कंपनी गेट पर लाश रखा था तो दूसरी तरफ विरोध करने वालों के लिए खाना बनाया जा रहा था। इधर शनिवार शाम सरायकेला जिला पुलिस प्रशासन के निर्देश पर मामले पर स्थिति बनाए रखना दंडाधिकारी के रूप में गम्हरिया अंचलाधिकारी अरविंद कुमार बेदिया, श्रम अधीक्षक अविनाश ठाकुर, आदित्यपुर थाना प्रभारी विनोद तिर्की पुलिस बल के साथ देर रात तक मौजूद थे।

वार्ता करते प्रबंधन एवं सरकारी पदाधिकारी

कंपनी प्रबंधन स्थायी नौकरी 1 लाख सहायता राशि देने को तैयार

सोनीको ग्रुप आफ कंपनी के कॉरपोरेट एचआर डॉ सौरभ  बनर्जी ने बताया कि कंपनी प्रबंधन मृत मजदूर के आश्रितों को दाह संस्कार एवं श्राद्ध कर्म के लिए 1 लाख रुपए सहायता राशि देने को तैयार है। इसके अलावा आश्रित को एक स्थाई नौकरी भी दी जाएगी, इन्होंने बताया कि मजदूर बीमार चल रहा था और उसकी मौत घर पर हुई है। बावजूद इसके 15 लाख मुआवजा मांगना कहीं से उचित नहीं है। प्रबंधन द्वारा बताया गया कि शनिवार दोपहर से विरोध के चलते कंपनी में सभी शिफ्ट के कार्य रद्द होने से लाखों का नुकसान हुआ है।

वार्ड 17

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