आदित्यपुर : पूर्व प्रखर पत्रकार और शिक्षा जगत में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले हेमंत श्रीवास्तव का शनिवार को लंबी बीमारी के बाद असामयिक निधन हो गया। वे 58 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से आदित्यपुर और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
पत्रकारिता और शिक्षण के दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों में समान रूप से सक्रिय रहने वाले हेमंत श्रीवास्तव ने आज दोपहर करीब 1 बजे आदित्यपुर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली।हेमंत श्रीवास्तव ने 1990 के दशक में अपनी धारदार लेखनी से पत्रकारिता जगत में एक अलग पहचान बनाई थी। उन्होंने उस दौरान “आवाज” और “चमकता आईना” जैसे प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दीं और पाठकों के बीच काफी लोकप्रिय हुए। पत्रकारिता में सफलता के बाद, वर्ष 2000 में उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में कदम रखा और सहायक शिक्षक के रूप में प्रतिनियुक्त हुए। इसके बाद उन्होंने पूरी निष्ठा से सहायक शिक्षक और प्रधानाचार्य के रूप में कार्य किया। पिछले कुछ वर्षों से वे गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, जिसके कारण उनकी प्रतिनियुक्ति उनके घर के समीप मध्य विद्यालय कुलुपटंगा में कर दी गई थी।
छोड़ गए भरा-पूरा परिवार:
स्वर्गीय हेमंत श्रीवास्तव अपने पीछे अपनी पत्नी और एक अविवाहित पुत्र को छोड़ गए हैं, जो वर्तमान में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। यह क्षति उनके परिवार के साथ-साथ पत्रकारिता और शिक्षा समुदाय के लिए भी अपूरणीय है।
उनका अंतिम संस्कार रविवार को बिष्टुपुर के पार्वती घाट पर किया जाएगा।