
अधिकारी के अचानक पहुंचने से टाल परिसर में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद टाल संचालक और वहां जमावड़ा लगाए (अड्डाबाजी कर रहे) असामाजिक तत्वों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। जांच के दौरान अंचल अधिकारी ने टाल संचालक से व्यवसाय से जुड़े जरूरी लाइसेंस, प्रदूषण प्रमाण पत्र और जमीन के वैधानिक दस्तावेज पेश करने की मांग की।
छापेमारी के बाद मीडिया से बात करते हुए अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में किसी भी कीमत पर अवैध स्क्रैप कारोबार को फलने-फुले नहीं दिया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उक्त स्क्रैप टाल एक स्कूल के बिल्कुल करीब स्थित है। यहाँ प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। कबाड़ खाने की गतिविधियों और वहां जुटने वाली भीड़ का मासूम बच्चों के मानसिक विकास पर अत्यंत नकारात्मक और गलत प्रभाव पड़ रहा है।Whatsapp Us