भाजपा कार्यालय पर कांग्रेस के प्रदर्शन का कड़ा विरोध, कार्यकर्ताओं ने संगठित होकर किया प्रतिकार

चाईबासा। कांग्रेस पार्टी द्वारा भाजपा कार्यालय पर किए गए उकसावेपूर्ण प्रदर्शन का भारतीय जनता पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने संगठित और दृढ़ प्रतिकार किया। जिला अध्यक्ष संजय पांडे के नेतृत्व में पहले से सतर्क भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की अराजक गतिविधियों को विफल करते हुए उन्हें भाजपा कार्यालय के मुख्य द्वार से बाहर कर दिया।

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इस दौरान भाजपा कार्यालय में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। उल्लेखनीय रूप से महिला कार्यकर्ताओं की भी भारी उपस्थिति रही, जिन्होंने पार्टी का झंडा थामकर नारेबाजी करते हुए कांग्रेस के प्रदर्शन का जवाब दिया। पूरे घटनाक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं का जोश, अनुशासन और संगठनात्मक एकता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

घटना के समय पुलिस प्रशासन की ओर से पर्याप्त व्यवस्था नहीं दिखी, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो सकती थी। बावजूद इसके भाजपा कार्यकर्ताओं ने संयम और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए किसी भी अप्रिय स्थिति को उत्पन्न नहीं होने दिया।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा,
“हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में कांग्रेस को खुली छूट मिल गई है, इसी कारण वे भाजपा कार्यालय तक पहुंचने का दुस्साहस कर रहे हैं। पुलिस व्यवस्था के अभाव में बड़ी घटना हो सकती थी, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं ने अनुशासन का परिचय दिया।”

वहीं जिला अध्यक्ष संजय पांडे ने कहा,
“कांग्रेस पार्टी सत्ता से बाहर होने की हताशा में लोकतांत्रिक मर्यादाओं को भूल चुकी है। भाजपा कार्यालय पर जबरन प्रदर्शन करना उनके राजनीतिक दिवालियापन को दर्शाता है। पार्टी के सम्मान और गरिमा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।”

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी से जुड़े मामलों में न्यायालय एवं ईडी से संबंधित विषयों को कांग्रेस जानबूझकर गलत ढंग से प्रस्तुत कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि कानून अपने दायरे में कार्य कर रहा है।

भाजपा ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन अराजकता, दबाव की राजनीति और जबरन प्रदर्शन को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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