Chaibasa (चाईबासा) : पश्चिमी सिंहभूम जिले के कराईकेला थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि माओवादी संगठन के सदस्य सीमावर्ती जंगल-पहाड़ी इलाकों में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने और सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहे हैं।
संयुक्त अभियान के दौरान पुलिस टीम पर फायरिंग
सूचना के आधार पर कोबरा 207 बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर अभियान चलाया गया। अभियान में एसआई जीडी अमित कुमार, कोबरा 207 बटालियन के अधिकारी एवं जवानों के साथ जिला पुलिस बल शामिल था।
बताया गया कि 19 मई 2026 को संयुक्त टीम कराईकेला और सोनुवा थाना क्षेत्र के सीमावर्ती दुर्गम जंगल क्षेत्रों में सर्च अभियान चला रही थी। इसी दौरान कराईकेला थाना क्षेत्र अंतर्गत दुर्गा दा गांव के जंगल-पहाड़ी इलाके में अचानक नक्सलियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार सुरक्षा बलों ने पहले नक्सलियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन लगातार गोलीबारी जारी रहने पर जवाबी कार्रवाई की गई। करीब आधे घंटे तक दोनों ओर से रुक-रुक कर फायरिंग होती रही। बाद में नक्सली घने जंगल और पहाड़ी इलाके का फायदा उठाकर फरार हो गए। तलाशी अभियान के दौरान घटनास्थल से दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई।
50 से अधिक राउंड फायरिंग का दावा
प्राथमिकी आवेदन में दावा किया गया है कि मुठभेड़ के दौरान पुलिस जवानों और नक्सलियों के बीच कई राउंड फायरिंग हुई। पुलिस के मुताबिक नक्सलियों ने अत्याधुनिक हथियारों से 50 से अधिक राउंड फायर किए। घटना के बाद पूरे इलाके में सघन सर्च अभियान चलाया गया।
कई नक्सलियों को बनाया गया आरोपी
एफआईआर में प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन के असीम मंडल उर्फ आकाश, मंगल सिंह सरदार, सालुका कायम, पिंकी, कोलेमुनी, सीता, बुड़ई बोदरा समेत 8-10 अज्ञात नक्सलियों को आरोपी बनाया गया है।
इनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, पुलिस बल पर हमला करने और अवैध हथियार रखने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पश्चिमी सिंहभूम जिले में हाल के महीनों में सुरक्षाबलों द्वारा नक्सल विरोधी अभियान लगातार चलाया जा रहा है, जहां कई मुठभेड़ों और आत्मसमर्पण की घटनाएं सामने आई हैं।







