आदित्यपुर: नगर निगम चुनाव की सरगर्मियां तेज होते ही वार्ड 18 का मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। यहाँ से पार्षद पद के प्रत्याशी अंकुर सिंह एक सशक्त युवा चेहरे के रूप में उभर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया से उच्च शिक्षा (MBA) प्राप्त करने के बाद, कॉर्पोरेट जगत के बजाय जनसेवा का मार्ग चुनकर अंकुर ने स्थानीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।

पारिवारिक विरासत और सादगी की पहचान
अंकुर सिंह के रगों में समाजसेवा का जज्बा विरासत से मिला है। वे आदित्यपुर के कद्दावर नेता और पूर्व विधायक अरविंद सिंह (मालखान सिंह) के भतीजे एवं दिवंगत समाजसेवी प्रवीण सिंह के पुत्र हैं। अपनी पारिवारिक प्रतिष्ठा के बावजूद, अंकुर की सादगी और सुलभ स्वभाव ने उन्हें वार्ड की जनता के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया है।
डोर-टू-डोर जनसंपर्क और स्थानीय समस्याएं
चुनाव प्रचार के दौरान अंकुर सिंह सीधे मतदाताओं के द्वार तक पहुँच रहे हैं। जनसंपर्क के दौरान जनता ने ड्रेनेज (निकासी) और सीवरेज सिस्टम की बदहाली को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि पिछले कई वर्षों से ये समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। अंकुर ने विश्वास दिलाया है कि उनका मुख्य लक्ष्य वार्ड 18 को एक ‘आदर्श वार्ड’ के रूप में विकसित करना और बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण करना है।
युवा नेतृत्व से जगी उम्मीदें
वार्ड के बुजुर्गों और युवाओं दोनों का समर्थन अंकुर को मिल रहा है। शिक्षित उम्मीदवार होने के नाते लोगों को उम्मीद है कि वे आधुनिक तकनीकी और बेहतर प्रबंधन के जरिए क्षेत्र का विकास करेंगे। अंकुर का कहना है कि वे राजनीति में पद के लिए नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र की सूरत बदलने के संकल्प के साथ आए हैं।








