चाईबासा, 11 मई 2026: कोल्हान विश्वविद्यालय के अंतर्गत महाविद्यालयों में संकायों के स्थानांतरण संबंधी निर्णय के विरोध में सोमवार को महिला कॉलेज की छात्राओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। छात्राओं ने कॉलेज परिसर में एकत्र होकर झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के खिलाफ नाराजगी जताई और प्राचार्या के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
छात्राओं का कहना था कि महिला महाविद्यालय की स्थापना महिलाओं को सुरक्षित एवं समान शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। ऐसे में संकायों के स्थानांतरण का निर्णय छात्राओं की सुरक्षा, सुविधा और शिक्षा के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने कहा कि यह फैसला महिला शिक्षा की मूल भावना के खिलाफ है।
छात्राओं ने विशेष रूप से “हो विभाग” को लेकर भी चिंता जाहिर की। उनका कहना था कि पिछले कई वर्षों से इस विभाग में प्रत्येक सेमेस्टर बड़ी संख्या में छात्राएं अध्ययन कर रही हैं, लेकिन जारी सरकारी सूचना में इस महत्वपूर्ण विभाग के भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। इससे छात्राओं में असमंजस और चिंता का माहौल है।
प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने मांग की कि महिला महाविद्यालय के किसी भी संकाय को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो वे व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होंगी।
छात्राओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि महिला शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार को छात्राओं के भविष्य और महिला महाविद्यालय की गरिमा को ध्यान में रखते हुए अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
आंदोलन का नेतृत्व माधुरी हेम्ब्रम, संगीता जेराई, अनिता आल्डा और नीलम जामुदा ने किया। मौके पर सगुन हांसदा, जतिन दास समेत कई छात्र प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।








