Adityapur (आदित्यपुर) : लोक आस्था के महापर्व छठ से पहले आदित्यपुर में खरकई नदी के किनारे जमा कचरे को लेकर स्वच्छता व्यवस्था और नदी संरक्षण पर सवाल उठने लगे हैं। रोड नंबर 32 स्थित केसरी गैस गोदाम के पीछे बड़े पैमाने पर कचरा जमा होने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने के बजाय जेसीबी की मदद से उसे वहीं समतल कर दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

छठ महापर्व के दौरान खरकई नदी के तट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान सूर्य को अर्घ्य देने पहुंचते हैं। ऐसे में नदी किनारे गंदगी और संभावित जल प्रदूषण को लेकर स्थानीय निवासियों में चिंता है। लोगों का कहना है कि पर्व से पहले घाटों और आसपास के इलाकों की समुचित सफाई सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि व्रतियों और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि नदी किनारे कचरा जमा करने के मामले की जांच कराई जाए। कचरा कहां से लाया जा रहा है, इसके लिए कौन जिम्मेदार है और उसके निस्तारण की क्या व्यवस्था है, इसकी पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही नदी के पानी की गुणवत्ता की जांच कराने और छठ घाटों की सफाई समय पर पूरी करने की भी मांग की गई है।

आदित्यपुर जन कल्याण मोर्चा ने जताई चिंता
आदित्यपुर जन कल्याण मोर्चा के संस्थापक ओम प्रकाश ने नदी किनारे कचरे के जमाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नदी तट पर इस तरह की गंदगी का दृश्य श्रद्धालुओं की आस्था और स्वच्छता दोनों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने नदी को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ पर्यावरण नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
अब सवाल यह है कि छठ महापर्व से पहले खरकई नदी तट की सफाई कब तक पूरी होगी और कचरे के निस्तारण को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाएगा। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग समय रहते कार्रवाई करेगा, ताकि श्रद्धालु स्वच्छ वातावरण में छठ पर्व मना सकें।







