चाईबासा : रैयत जमीन की जांच रिपोर्ट एलआरडीसी को समर्पित, एसटीएससी कमीशन में की गई थी शिकायत

जांच रिपोर्ट में अंचलाधिकारी ने कहा कि सीएनटी एक्ट-1908 के तहत आदेश अनुमति दस्तावेज नहीं दिखा रहा क्रेता

Chaibasa (चाईबासा) : सदर अंचल क्षेत्र के टुंगरी में स्थित खतियानी रैयत डीबर देवगम की पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जे के मामले की सदर अंचल कार्यालय द्वारा जांच पूरी कर ली गयी है. इस संबंध में सदर अंचलाधिकारी द्वारा भूमि सुधार उप समाहर्ता सदर चाईबासा को जांच रिपोर्ट सौंप दिया गया है.

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ज्ञात हो कि डीबर देवगम ने इस संबंध में अनुसूचित जाति जनजाति आयोग में बनवारी लाल नेवटिया द्वारा अवैध कब्जे की शिकायत की थी. इसके बाद उपायुक्त के निर्देश पर मामले की जांच करवायी गयी. अंचलाधिकारी ने एलआरडीसी को समर्पित जांच रिपोर्ट में कहा है कि यह जमीन हाल सर्वे खतियान में मौजा मतकमहातु, थाना नंबर 642, खाता संख्या 54, प्लॉट संख्या-1116, कुल रकवा 1.44 एकड़ भूमि सामू हो, पिता सोंगा हो, जाति हो, किली देवगम निवासी निजग्राम दर्ज है. 1979 में विक्रेता मोरन सिंह एवं पोदना हो (पिता सामू हो) ने क्रेता बनवारी लाल नेवटिया (पिता विश्वनाथ नेवटिया) को इस भूमि में से 0.70 एकड़ जमीन बेच दिया. अंचलाधिकारी ने रिपोर्ट में कहा है कि इस संबंध में सीएनटी एक्ट 49 (6) (a) के तहत टीए मिस केस नंबर 31/1979-80 द्वारा उपर उपायुक्त की अनुमति ली गयी थी. इसकी दलील संख्या 3514, दिनांक 17 नवंबर 1979 है. जबकि इसका नामांतरण संख्या 46/89-90 है और पंजी टू में भी दर्ज है. लेकिन अधिनियम की जांच की गयी तो पाया गया कि अधिनियम में इस धारा का कहीँ उल्लेख नहीं है.

जमीन के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके बनवारी लाल नेवटिया

अंचलाधिकारी ने जांच प्रतिवेदन में ये भी कहा है कि दूसरे पक्ष के बनवारी नेवटिया से भूमि के दस्तावेज मांगे गये तो ये कहते हुए प्रस्तुत नही किया कि वे पूर्व में ही कार्यालय में दस्तावेज जमा करा चुके हैं. फिर से दस्तावेज देने के लिये चार सप्ताह का समय नेवटिया ने मांगा है. पुर्व में प्रस्तुत दस्तावेज का भी जांच किया गया. इस संबंध में नेवटिया से इस भूमि का सीएनटी एक्ट 1908 की धारा 49 की अनूमति आदेश संबंधी दस्तावेज मांगा गया तो वह प्रस्तुत नहीं कर रहा है. इसके बाद वह झारखंड हाईकोर्ट में मामले को लेकर एक केस दायर कराया है.

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