डोमन हेम्ब्रम पारम्परिक तीरंदाजी प्रतियोगिता: पुण्यतिथि पर केशरगड़िया में दिखा परंपरा का गौरव

डोमन हेम्ब्रम पारम्परिक तीरंदाजी प्रतियोगिता

चाईबासा: डोमन हेम्ब्रम पारम्परिक तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन समाजसेवी स्वर्गीय डोमन हेम्ब्रम की पुण्यतिथि के अवसर पर चाईबासा प्रखंड अंतर्गत केशरगड़िया ग्राम में किया गया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यह प्रतियोगिता पूरे पारम्परिक उल्लास और सामाजिक सहभागिता के साथ संपन्न हुई।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्व. डोमन हेम्ब्रम को श्रद्धांजलि अर्पित करना तथा क्षेत्र की पारम्परिक आदिवासी तीरंदाजी संस्कृति को जीवित रखना रहा।

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डोमन हेम्ब्रम पारम्परिक तीरंदाजी प्रतियोगिता

150 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी

डोमन हेम्ब्रम पारम्परिक तीरंदाजी प्रतियोगिता में लगभग 150 स्थानीय प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में आसपास के गांवों से युवाओं, बुजुर्गों और अनुभवी तीरंदाजों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

यह प्रतियोगिता:

  • पारम्परिक नियमों के अनुसार आयोजित की गई

  • आदिवासी खेल संस्कृति को प्रदर्शित करती है

  • युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ती है

 विजेताओं को मिला पुरस्कार और सम्मान

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और मेडल देकर सम्मानित किया गया।

पुरस्कार विवरण

  • प्रथम पुरस्कार:
    सायबा टुडू (बुरुडीह) – ट्रॉफी एवं ₹3000

  • द्वितीय पुरस्कार:
    तुफान धाउंडीया (केशरगड़िया) – ट्रॉफी एवं ₹2500

  • तृतीय पुरस्कार:
    पासिंग बानरा (कमारबासा) – ट्रॉफी एवं ₹2000

  • सांत्वना पुरस्कार:

    • हरि बानरा (कमारबासा) – मेडल एवं ₹1000

    • अमीन हांसदा (केशरगड़िया) – मेडल एवं ₹1000

डोमन हेम्ब्रम पारम्परिक तीरंदाजी प्रतियोगिता में विजेताओं को तालियों की गूंज के बीच सम्मानित किया गया।

डोमन हेम्ब्रम पारम्परिक तीरंदाजी प्रतियोगिता

डॉ. जगन्नाथ हेम्ब्रम का संदेश

इस अवसर पर डॉ. जगन्नाथ हेम्ब्रम ने स्व. डोमन हेम्ब्रम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि:

“इस तरह की पारम्परिक तीरंदाजी प्रतियोगिता हमारी पहचान है। आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक लोग इसमें भाग लें, ताकि हमारी सांस्कृतिक विरासत जीवित रह सके।”

उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे खेल और संस्कृति दोनों को आगे बढ़ाएं।

परंपरा और संस्कृति का जीवंत उदाहरण

डोमन हेम्ब्रम पारम्परिक तीरंदाजी प्रतियोगिता केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि यह आदिवासी समाज की सांस्कृतिक चेतना, एकता और परंपरा का प्रतीक है।

इस आयोजन से:

  • सामुदायिक एकजुटता बढ़ी

  • पारम्परिक खेलों को प्रोत्साहन मिला

  • नई पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अवसर मिला

आयोजन में प्रमुख रूप से उपस्थित

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से:

  • श्रीमती मालती

  • डॉ. जगन्नाथ हेम्ब्रम

  • देवानंद हेम्ब्रम

  • अनूप कुमार हेम्ब्रम

  • दीपक दास

  • अनिल जेराई

  • प्रेम कुमार दास

  • ग्राम प्रधान अंजन कुमार सिंह देव

  • लक्ष्मी हेम्ब्रम, सिनगो हेम्ब्रम, गंगावती हेम्ब्रम

  • पीहू हेम्ब्रम, सुनीता दास

सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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