जगन्नाथपुर/चाईबासा: मोंगरा पंचायत अंतर्गत हेस्सापी गाँव में दो दिन पूर्व ईसाई धर्म से पुनः अपनी मूल आदिवासी संस्कृति, प्राकृतिक आस्था एवं सरना धर्म में लौटे एक 06 सदस्यीय परिवार का आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा, अनुमंडल कमेटी, जगन्नाथपुर की ओर से पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया।
केन्द्रीय कमेटी के निर्देशानुसार यह स्वागत कार्यक्रम अनुमंडल अध्यक्ष बलराम लागुरी के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस दौरान विश्वनाथ सिंकू, उनकी पत्नी नीतिमा सिंकू, पुत्री दशमति सिंकू, पुत्र जश्मन सिंकू, स्वरा सिंकू एवं स्टीफन सिंकू को पारंपरिक गमछा भेंट कर सम्मानित किया गया।
स्वागत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनुमंडल अध्यक्ष बलराम लागुरी ने कहा कि आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा लंबे समय से समाज के बीच भाषा, संस्कृति और पारंपरिक धर्म को लेकर जागरूकता अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रयास का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है और समाज के कई लोग अब अपनी मूल सांस्कृतिक पहचान की ओर पुनः लौट रहे हैं।
उन्होंने बताया कि केन्द्रीय कमेटी के दिशा-निर्देश में अनुमंडल स्तर पर इस प्रकार के स्वागत एवं जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं और आने वाले समय में इसे अन्य प्रखंडों में भी विस्तार दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सांस्कृतिक मूल्यों की मजबूती और संरक्षण की दिशा में ‘हो’ समाज निरंतर जागरूक हो रहा है।
युवा महासभा की अनुमंडल कमेटी ने बताया कि इस पहल में ग्राम स्तर के युवाओं, मुण्डा, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बुद्धिजीवियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिनके प्रयासों से यह सामाजिक पहल सफल हो सकी। समिति की ओर से सभी ग्रामीणों के प्रति धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा अनुमंडल कमेटी के कोषाध्यक्ष बलि लागुरी, ग्रामीण मुण्डा गुरुचरण सिंकू, दियुरी निर्मल सिंकू, युवा सामाजिक कार्यकर्ता अजय सिंकू, रेशमा सिंकू, मनोज सिंकू, आकाश सिंकू, मोहन सिंकू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।



