जमशेदपुर के आदित्यपुर स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में 1 अप्रैल 2026 को ‘हाइपरटेंशन’ (उच्च रक्तचाप) विषय पर एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सिंपोजियम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम संस्थान की वैज्ञानिक समिति के तत्वावधान में दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक चला, जिसमें एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं और वरिष्ठ फैकल्टी मेंबर्स ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस शैक्षणिक सत्र का मुख्य उद्देश्य भावी डॉक्टरों को हाइपरटेंशन के बदलते स्वरूप और इसके आधुनिक उपचार एवं प्रबंधन से अवगत कराना था। विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में उच्च रक्तचाप एक गंभीर और तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुका है, जिसकी समय पर पहचान और सही प्रबंधन बेहद जरूरी है।
गर्भावस्था और जीवनशैली पर विशेष जोर
सिंपोजियम के दौरान चिकित्सा विशेषज्ञों ने ‘गर्भावस्था के दौरान हाइपरटेंशन’ जैसी जटिल स्थितियों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही, बीमारी की प्रारंभिक जांच के आधुनिक तरीकों, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली की भूमिका को भी प्रमुखता से बताया गया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि केवल दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय नियमित व्यायाम, संतुलित खान-पान और तनाव प्रबंधन से भी इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने दिया प्रेरणादायक संदेश
इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन मदन मोहन सिंह ने कहा कि इस तरह के वैज्ञानिक कार्यक्रम मेडिकल छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी होते हैं, क्योंकि इससे उन्हें व्यावहारिक ज्ञान मिलता है जो भविष्य में समाज सेवा में सहायक होता है।
वहीं प्रिंसिपल डॉ के एन सिंह ने कहा कि हाइपरटेंशन आज के समय में एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन चुकी है और डॉक्टरों को इसकी शुरुआती पहचान व जटिलताओं के प्रति सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने छात्रों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उनके शैक्षणिक और नैदानिक कौशल को मजबूत करते हैं।
प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
कार्यक्रम के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में छात्रों ने विशेषज्ञों से विभिन्न जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। यह सत्र न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि छात्रों को व्यावहारिक चिकित्सा समझ विकसित करने का अवसर भी मिला।








