Adityapur: झारखंड सरकार के  निजी क्षेत्र में स्थानीय नियोजन अधिनियम एवं नियमावली कार्यशाला का आयोजन, बोले मंत्री चंपई सोरेन 150 सालो से कोल्हान के माइनिंग उद्योगों का 2% भी स्थानीय पर खर्च होता तो बदल जाती सूरत Video

सरायकेला: झारखंड सरकार के निजी क्षेत्र में स्थानीय नियोजन अधिनियम एवं नियमावली को लेकर सोमवार को आदित्यपुर स्थित ऑटोक्लस्टर सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिसमें निजी क्षेत्र के नियोक्ता, उद्यमी ,निजी संस्थान से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यशाला को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद झारखंड सरकार के आदिवासी कल्याण एवं परिवहन मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि डेढ़ सौ सालो से कोल्हान क्षेत्र में माइनिंग और उद्योग धंधे स्थापित हैं बावजूद इसके स्थानीय लोगो को रोजगार जिस दर से उपलब्ध होना चाहिए वह नहीं हो सका है। मंत्री ने कहा कि उद्योग -धंधे विकसित हुए लेकिन इन 150 सालों में उद्योगों के विकास से जुड़े 2% फंड का भी खर्च अगर स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने पर होता तो स्थिति आज कुछ और होती।
Video
मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि जल, जंगल ,जमीन से जुड़े आदिवासी मूलवासीयों को बचाए रखने की जरूरत है. लिहाजा सरकार द्वारा इनके हितों की रक्षा करने के उद्देश्य से ही निजी क्षेत्र में 75% स्थानीय लोगों को नियोजन में प्राथमिकता देने विधायक लायी है। मंत्री ने स्थानीय उद्योगों के जनप्रतिनिधियों का समर्थन प्राप्त करने की बात कहते हुए कहा कि 22 साल राज गठन होने के बावजूद आदिवासी मूलवासीयों का विकास दर कम है। ऐसे में स्थानीय उद्योग स्थानीय लोगों के उंगली पकड़कर चले ताकि राज्य आगे बढ़ेगा।
चंपई सोरेन, मंत्री
मुख्यमंत्री गाड़ी -बस योजना की होगी शुरुआत
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि जल्द ही सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री गाड़ी बस योजना की शुरुआत होगी. जिसमें सुदूरवर्ती गांव तक सरकार द्वारा बसों का परिचालन कराया जाएगा. जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोग लाभान्वित हो सकेंगे।
नियोजन में प्राथमिकता नहीं देने पर संस्थानों को लगेगा जुर्माना
कार्यक्रम में उपायुक्त अरवा राजकमल ने बताया कि उद्योगों के सरलीकरण एवं स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने का पूरा प्रयास किया जा रहा है. इस दौरान हर छोटी बड़ी इकाइयों से नियोजनालय में हर हाल में निबंधन कराने की अपील की गई. उपायुक्त ने उद्यमी संगठनों एवं औद्योगिक इकाइयों से मिल रहे सहयोग की सराहना करते हुए कि कहा वैसे संस्थान जिन्होंने अबतक सरकार के पोर्टल पर निबंधन नहीं कराया हैं वे अविलंब सक्षम अधिकारियों के समक्ष नियोजन करा लें. ऐसा नहीं करने पर जुर्माना लग सकता है. उन्होंने साफ तौर पर झारखंड सरकार के नियोजन नीति 2021- 22 के प्रावधानों के तहत संस्थान चलाने की अपील की. कार्यशाला को  खरसावां विधायक दशरथ गागराई, ईचागढ़ विधायक सविता महतो, जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा, ऑटो क्लस्टर एमडी एसएन ठाकुर ,पूर्व एसियाया अध्यक्ष इंदर अग्रवाल ने भी संबोधित किया कार्यशाला में धन्यवाद ज्ञापन एडीसी सुबोध कुमार द्वारा किया गया।

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *