आदित्यपुर : आदित्यपुर नगर निगम के वार्ड 1 में विकास योजनाओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर भारी राजनीतिक घमासान मच गया है।
क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों ने वार्ड पार्षद बनमाली दास के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर जातिगत आधार पर अपमानित करने, विकास कार्य रुकवाने और विभिन्न कार्यों के एवज में अवैध वसूली करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। इस बाबत ग्रामीणों ने आदित्यपुर थाना और सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त को लिखित आवेदन सौंपकर त्वरित कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है।

ट्रांसफार्मर व लाइट लगाने के विरोध पर जातिसूचक गाली का आरोप
वानडीह (आनंदपुर) निवासी गणेश सरदार ने आदित्यपुर थाना प्रभारी को दिए आवेदन में बताया कि वार्ड क्षेत्र में अंधेरे और बिजली संकट को दूर करने के लिए नगर निगम के महापौर संजय सरदार के निर्देश पर डीएमएफटी फंड से स्ट्रीट लाइट व नया ट्रांसफार्मर लगाने का काम चल रहा था। आरोप है कि पार्षद बनमाली दास ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया, लगे हुए ट्रांसफार्मर को उतरवा दिया और बिजली कर्मियों को डांट-फटकार कर भगा दिया। जब गणेश सरदार ने इसका विरोध किया, तो पार्षद ने फोन एवं सामने आकर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा, “तुम लोग आदिवासी भूमिज होकर बहुत तेज बन गए हो।” पीड़ित ने इसे सामाजिक प्रताड़ना बताते हुए सुरक्षा और न्याय की मांग की है।
वंशावली और बोरिंग पर ‘कट मनी’ मांगने का डीसी से गुहार
वहीं दूसरी ओर, वानडीह, हथियाडीह, सापड़ा, आनंदपुर और उत्तमडीह के दर्जनों ग्रामीणों ने उपायुक्त को हस्ताक्षरित पत्र सौंपकर पार्षद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि:
* नगर निगम की अनुमति के बाद भी निजी बोरिंग कराने पर ₹10,000 की मांग की जाती है।
* बच्चों के जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र के लिए वंशावली निर्गत करने पर अवैध शुल्क वसूला जाता है।
* पैतृक संपत्ति के बंटवारे हेतु वंशावली सत्यापन के नाम पर कथित रूप से ₹25,000 की अवैध मांग की जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक शोषण और प्रताड़ना से आम जनता त्रस्त है। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी पार्षद पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने तथा इलाके में बिजली-बत्ती की सुविधा बहाल करने की मांग की है।







