नई दिल्ली/चक्रधरपुर: राष्ट्रीय फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेंस (NFIR) और रेल मंत्रालय के बीच स्थायी वार्ता तंत्र (PNM) की दो दिवसीय बैठक 20 और 21 अगस्त 2026 को आयोजित हुई। बैठक में भारतीय रेल के अलग-अलग विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं, कार्य परिस्थितियों, सुरक्षा और सेवा संबंधी लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में रेलवे बोर्ड की ओर से चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CRB एवं CEO), महानिदेशक (मानव संसाधन), एडिशनल मेंबर (स्टाफ), एडिशनल मेंबर (HR) समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। NFIR की ओर से अध्यक्ष गुमान सिंह, महामंत्री डॉ. एम. राघवैय्या और सहायक महामंत्री एस.आर. मिश्रा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे रखे।

दक्षिण पूर्व रेलवे में TA-OT भुगतान पर जोर
बैठक में दक्षिण पूर्व रेलवे के चारों मंडलों में TA और OT मद में अतिरिक्त फंड उपलब्ध कराने की मांग प्रमुखता से रखी गई। NFIR ने लंबित भुगतान और बैकलॉग को जल्द समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि कर्मचारियों को उनके देय भुगतान समय पर मिल सकें।
इसके अलावा परिचालन और संरक्षा से जुड़े विभागों में कर्मचारियों की कमी तथा बढ़ते कार्यभार का मुद्दा भी उठाया गया। NFIR ने रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने और जरूरत के अनुसार नए पद सृजित करने की मांग की।

सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों में सुधार की मांग
बैठक में ट्रैक, इंजीनियरिंग, विद्युत, वर्कशॉप, अनुरक्षण और परिचालन जैसे जोखिम वाले क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा हुई। कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षात्मक उपकरण उपलब्ध कराने और सुरक्षा प्रोटोकॉल को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
रेल कर्मचारियों के विश्राम, चिकित्सा, आवास, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं में सुधार की मांग भी प्रतिनिधियों ने रखी। पदोन्नति, MACP, स्थानांतरण, पदस्थापन और कैरियर प्रगति से संबंधित लंबित मामलों के त्वरित निपटारे का मुद्दा भी बैठक में शामिल रहा।
NFIR ने सेवा शर्तों, वेतन, भत्तों और कर्मचारियों के अन्य वैध अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही रेलवे बोर्ड के आदेशों एवं पूर्व समझौतों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से लागू करने पर जोर दिया गया।
NFIR प्रतिनिधियों ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान उनके मनोबल को बढ़ाने के साथ रेलवे के सुरक्षित और सुचारू संचालन में भी मदद करेगा। फेडरेशन ने उम्मीद जताई कि बैठक में उठाए गए मुद्दों पर रेलवे बोर्ड सकारात्मक और समयबद्ध कार्रवाई करेगा।







