चाईबासा : मेघाहातुबुरु SAIL खदान के कर्मियों ने संयुक्त मोर्चा के बैनर तले खदान उत्पादन व ढुलाई किया ठप्प, प्रबंधन को भारी नुकसान

 

 

Chaibasa : मेघाहातुबुरु सेल (SAIL) खदान के कर्मियों ने अपने विभिन्न मांगों को लेकर संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सुबह से ही खदान का उत्पादन व माल ढुलाई का कार्य पूरी तरह से ठप कर दिया है. सेल कर्मचारियों की इस आंदोलन से मेघाहातुबुरु सेल खदान प्रबंधन को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

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मेघाहातुबुरु खदान के लोडिंग साईडिंग में एक रैक लोड होकर खड़ा है. जबकि एक रैक आया है, जिसे लोड नहीं किया जा रहा है. खदान के माइनिंग, स्क्रिनिंग, प्लांट समेत सभी विभागों के कार्य ठप हो गये हैं.

 

सेलकर्मियों के अचानक आंदोलन पर जाने की मुख्य वजह प्रबंधन की ओर से चिकित्सा सुविधाओं में कटौती अथवा परेशानी खडा़ किया जाना बताया जा रहा है. सेलकर्मियों ने बताया कि पहले कार्य स्थल से बाहर कहीं या किसी शहर में सेलकर्मी या उनके आश्रित की अचानक तबियत खराब होने पर तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कर वहां से सीधे सेल के सम्पर्क वाले बडे़ अस्पतालों में बेहतर इलाज के लिए रेफर किया जाता था. इससे मरीजों का बेहतर इलाज हो पता था, लेकिन प्रबंधन ने वर्तमान में उस नियम को बदल दिया है और यह कह रहा है कि अगर कोई सेलकर्मी या उनके आश्रित बाहर में बीमार पड़ता है और किसी अस्पताल में इलाज करा रहा होता है तो मरीज को पहले सेल की किरीबुरु अस्पताल लाना होगा. यहां मरीज की स्थिति को देखने के बाद हीं बडे़ अस्पतालों में रेफर किया जायेगा.

 

सेलकर्मियों का कहना है कि बीमार मरीज को लंबी यात्रा कराकर किरीबुरु जैसे अस्पताल में लाया जायेगा, जहां इलाज व डायग्नोसिस की कोई सुविधा नहीं है. विशेषज्ञ चिकित्सक व जरूरी दवाइयां नहीं रहती हैं. यहां लाने में ही गंभीर रूप से बीमार मरीज की इलाज के अभाव में मौत हो जायेगी. इसके लिए जिम्मेदार कौन होगा. कर्मियों का कहना है कि सेल प्रबंधन इस नियम को रद्द कर आरएमडी के समय में जो चिकित्सीय व्यवस्था अथवा सुविधा मिल रही थी, वही सुविधा उपलब्ध कराये. कर्मियों ने बताया कि सेल के चेयरमैन अमरेन्दु प्रकाश ने किरीबुरु दौरे के क्रम में मेघालया गेस्ट हाउस में बातचीत में कहा था कि आरएमडी के समय जो सुविधा सेल की खदानों के सेलकर्मियों को मिलती थी, उस सुविधा में कोई कटौती नहीं की जायेगी. लेकिन आज उसके विपरीत कार्य हो रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

 

सेलकर्मियों ने कहा कि हमलोग सारंडा जैसे पिछड़े व सुदूरवर्ती जंगल क्षेत्रों में विकट परिस्थिति में काम करते हैं. यहां सेल अस्पताल में स्त्री, हड्डी, इएनटी, हृदय आदि रोगों के कोई विशेषज्ञ चिकित्सक, सर्जन, एनेस्थेसिया आदि के डाक्टर नहीं है. अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे तक की सुविधा नही है. हमारा सामान्य इलाज नहीं हो पाता है. 12वीं के बाद बच्चों को उच्च शिक्षा, शुद्ध पेयजल, बडे़ दुकान, होटल, मॉल आदि की सुविधा नहीं है. जरूरी कार्यों के लिये हम सभी को दूसरे शहर जाना पड़ता है. इसके बावजूद पहले से मिल रही सुविधाओं में कटौती की जा रही है. यहां भी सेलकर्मियों को भी बोकारो, राउरकेला, भिलाई जैसी टाउनशिप आदि की बेहतर व्यवस्था व सुविधा सेल प्रबंधन उपलब्ध कराये.

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