आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा संगोष्ठी व प्रदर्शनी का आयोजन

Chaibasa (चाईबासा) : भारतीय जनता पार्टी जिला इकाई द्वारा आज चाईबासा स्थित भाजपा कार्यालय में कांग्रेस द्वारा लगाए गए आपातकाल के 50 वर्षों की पूर्णता पर एक विचार संगोष्ठी एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आपातकाल की भयावह सच्चाइयों, लोकतंत्र पर हुए कुठाराघात और कांग्रेस की जनविरोधी नीतियों को उजागर किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करती पूर्व सांसद गीता कोड़ा

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मुख्य वक्ता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने कहा कि –
“1975 में इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल ने भारतीय लोकतंत्र को कुचल दिया था। वह केवल एक राजनीतिक संकट नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और आमजन के मौलिक अधिकारों का चीरहरण था। कांग्रेस ने न केवल संविधान निर्माता बाबा साहेब अंबेडकर के सिद्धांतों का अपमान किया, बल्कि आपातकाल के जरिए आदिवासियों, हरिजनों, पिछड़ों की आवाज को भी दबा दिया। कांग्रेस शुरू से ही तुष्टिकरण की राजनीति करती रही है – विशेषकर मुस्लिम तुष्टिकरण को केंद्र में रखकर उसने देश को बांटने का कार्य किया है।”

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा आज भी संविधान की मूल भावना, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षक है। हम कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेंगे, जिन्होंने न लोकतंत्र छोड़ा, न संविधान, और न ही गरीबों का सम्मान।

सहवक्ता पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि आपातकाल ने यह सिद्ध कर दिया कि कांग्रेस की सोच अलोकतांत्रिक और एकतंत्रात्मक रही है। इंदिरा गांधी ने सत्ता के लोभ में पूरे देश को जेल में बदल दिया। कांग्रेस को आज भी संविधान की आत्मा से नफरत है।

प्रदेश उपाध्यक्ष बडकुंवर गागराई ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा आदिवासी समाज को छलने का कार्य किया है। आपातकाल के समय भी आदिवासी क्षेत्रों में जबरन नसबंदी, प्रेस सेंसरशिप और लोकतांत्रिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की गई।

प्रदेश प्रवक्ता जेबी तुबिद ने कहा कि भारत के इतिहास में आपातकाल सबसे काला अध्याय था। कांग्रेस ने उस समय हर विरोध को देशद्रोह करार देकर जेलों में ठूंस दिया था। वो पार्टी आज भी उसी मानसिकता में जी रही है।

जिला अध्यक्ष श्री संजय पांडे ने कहा कि आपातकाल को याद करना इसलिए जरूरी है ताकि आने वाली पीढ़ियाँ जान सके कि किस प्रकार कांग्रेस ने देश को तानाशाही की ओर धकेला था। भाजपा का यह नैतिक कर्तव्य है कि वह जनता को बार-बार इस सच्चाई से अवगत कराती रहे।

कार्यक्रम के दौरान आपातकाल पर आधारित चित्र-प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें उस दौर की घटनाओं, दमनचक्र और जनता के संघर्ष को प्रदर्शित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से गीता बालमुचु, मनोज लिंयागी, हेमंत केसरी, रामानुज शर्मा, बबलू शर्मा राकेश, सन्नी पासवान, पवन शर्मा, चंद्र मोहन तियु, जयश्री बानरा, शंभू हाजरा, रानी बंदिय, सुखमती बिरुवा, रायमुनी कुन्टिया, रूपा दास , हेमंती निषाद , जयकिशन बिरुली, दुनिया कुम्हार , कामेश्वर विश्वकर्मा, मुकेश दास, डमरूदर बारीक, अंगद साव आदि मौजूद थे.

भारतीय जनता पार्टी आपातकाल को कभी नहीं भूलेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सदैव संघर्ष करती रहेगी.

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