Saraikela Elevated Ring Road-Industrial Corridor: एलिवेटेड रिंग रोड-इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने के प्रस्ताव को मिली मंजूरी

Saraikela:  जिला उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में विगत 14 जून को संपन्न हुई पीएम गति शक्ति योजना की बैठक में एलिवेटेड रिंग रोड और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (वाया टिकर, तिरामडीह, नीमडीह, गम्हरिया, सरायकेला, खरसावाँ, रंगामटिया और रड़गांव) बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई.

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वहीं, बैठक में एलिवेटेड रिंग रोड (वाया आयडा, चाँडिल, ईचागढ़, नीमडीह, खरसावाँ, सरायकेला और सीतारामपुर) के निर्माण पर भी चर्चा की गई. इस संबंध में पिछले दिनों आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एसिया) के अध्यक्ष इन्दर कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में एसिया की टीम ने जिला उपायुक्त के साथ हुई परिचयात्मक बैठक में उनसे सरायकेला-खरसावाँ जिला में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने, अलग-अलग कलस्टर बनाकर उद्योगों के लिए भूमि को चिह्नित करने तथा भूमि के विकास के लिए एलिवेटेड रिंग रोड का निर्माण कराने का अनुरोध किया था, ताकि संबंधित भूमि उद्योगों के काम आ सके. उपायुक्त से मुलाकात के दौरान एसिया अध्यक्ष ने औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए भूमि के अभाव की समस्या पर भी चर्चा की. इस दौैरान एसिया अध्यक्ष ने बताया कि भूमि के अभाव में नई कंपनी खोलने की इच्छा रखने वाले उद्यमियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है. क्योंकि एक तो औद्योगिक क्षेत्र में उपलब्ध सारी भूमि समाप्त हो गई है. और अगर सरकार द्वारा नई भूमि चिह्नित भी की जाती है, तो संबंधित भूमि तक पहुँचने के लिए संपर्क पथ नहीं है. इसलिए उपलब्ध भूमि तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए रिंग रोड का निर्माण कराया जाना चाहिए.

 

इस संबंध में एसिया के द्वारा सांसद विद्युतवरण महतो के माध्यम से केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजा जायेगा, ताकि शीघ्र हीं केन्द्र के द्वारा एलिवेटेड रिंग रोड का निर्माण हो सके. श्री अग्रवाल के अनुसार, पहले आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की गिनती एसिया महादेश के बड़े औद्योगिक क्षेत्र में होती थी. परन्तु आज के दिन औद्योगिक क्षेत्र में रुग्ण उद्योगों की संख्या न के बराबर है. देश की जीडीपी और रोजगार के साधनों में सुधार का बहुत बड़ा óोत एमएसएमई है. परन्तु भूमि के अभाव में पुराने उद्योगों के विस्तार का काम रुक सा गया है. क्योंकि वे अपने पास उपलब्ध जमीन का पूर्ण उपयोग कर चुके हैं. आज प्रतिदिन तीन हजार से ज्यादा ट्रक का आगमन होता है. परन्तु औेद्यौगिक क्षेत्र के लिए अलग रोड नहीं होने के कारण इस जिला में दुर्घटनाएं ज्यादा हो रही है. विषय की गंभीरता को देखते हुए पिछले दिनों हुई पीएम गति शक्ति योजना की बैठक में जिला उपायुक्त द्वारा इस विषय को रखा गया है.

 

इस संदर्भ में एसिया के द्वारा भी सांसद विद्युत महतो के माध्यम से एक पत्र केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को देने के लिए उन्हें दिया गया है. सांसद श्री महतो ने भी इस मामले में सकारात्मक रुख दिखाया है. क्योंकि उनका भी यह गृह जिला है. और वे औद्यौगिक क्षेत्र की बारीकियों को भी समझते हैं.

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