चाईबासा डायन हत्या कांड: अंधविश्वास की आग में मां-बेटे की दर्दनाक मौत

चाईबासा डायन हत्या कांड घटना स्थल कुमारडूंगी

चाईबासा डायन हत्या कांड ने पूरे कोल्हान क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। चाईबासा के पश्चिमी सिंहभूम जिले के कुमारडूंगी थाना क्षेत्र अंतर्गत कलाईया गांव में अंधविश्वास के चलते एक महिला और उसके दो माह के नवजात बच्चे को जिंदा जला दिया गया। इस हृदयविदारक घटना में महिला का पति गंभीर रूप से झुलस गया, जो फिलहाल अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है।

खूंटी में आदिवासी कांग्रेस नेता सुमित तिग्गा की गोली मारकर हत्या, इलाके में तनाव

घटना कैसे हुई

मंगलवार रात करीब नौ बजे की इस वारदात में पीड़ित कोल्हान सिंकु अपनी दूसरी पत्नी ज्योति सिंकु, दो साल के बेटे और नवजात के साथ घर में सो रहा था। तभी रिश्ते में भगिना लगने वाला एक युवक बाहर से आवाज देकर उन्हें बुलाया। जैसे ही दंपति घर से बाहर आए, वहां पहले से ग्रामीणों की भीड़ जमा थी।

भीड़ ने ज्योति सिंकु पर डायन होने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। चाईबासा डायन हत्या कांड में पीड़ित परिवार ने पंचायत में मामला रखने की बात कही, लेकिन उग्र भीड़ ने एक नहीं सुनी।

पेट्रोल छिड़ककर लगाई आग

आरोप है कि भीड़ में शामिल लोगों ने पेट्रोल से भरा गैलन लाकर महिला और उसके पति पर छिड़क दिया। इसके बाद माचिस जलाकर आग लगा दी गई। आग की लपटों में महिला और नवजात घिर गए।

पति किसी तरह जान बचाकर भागा। उसने जलते कपड़े उतारकर खुद को बचाया और रात में ही थाना पहुंचने की कोशिश की, लेकिन मदद नहीं मिल सकी।

थाना पहुंचा पीड़ित, सुबह दर्ज हुआ मामला

रात में सहायता न मिलने पर वह रिश्तेदार के घर गया। सुबह दोबारा थाना पहुंचकर पूरी घटना बताई। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई।

पुलिस टीम ने गांव पहुंचकर शव कब्जे में लिए और पोस्टमार्टम के लिए भेजे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि एक ही परिवार के कई लोग इस जघन्य अपराध में शामिल थे।

पुलिस जांच और कार्रवाई

पश्चिम सिंहभूम पुलिस ने बताया कि चाईबासा डायन हत्या कांड में करीब दस आरोपियों की पहचान हुई है। सभी से पूछताछ जारी है और कठोर कानूनी कार्रवाई की तैयारी है।

अंधविश्वास की भयावह सच्चाई

झारखंड समेत पूर्वी भारत के कई आदिवासी इलाकों में डायन प्रथा आज भी सामाजिक अभिशाप बनी हुई है। हर वर्ष कई महिलाएं अंधविश्वास की बलि चढ़ती हैं।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि:

  • जागरूकता अभियान तेज हो

  • ग्राम स्तर पर कानूनी शिक्षा दी जाए

  • महिला सुरक्षा तंत्र मजबूत हो

सामाजिक और कानूनी पहलू

चाईबासा डायन हत्या कांड केवल हत्या नहीं, बल्कि मानवाधिकार हनन का मामला भी है। भारत में Witch Hunting रोकने के लिए अलग-अलग राज्यों में विशेष कानून लागू हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर जागरूकता की कमी बड़ी चुनौती है।

क्या जरूरी है आगे

  1. अंधविश्वास उन्मूलन अभियान

  2. ग्रामीण शिक्षा

  3. महिला सुरक्षा समितियां

  4. त्वरित न्याय प्रक्रिया

  5. पुलिस गश्त बढ़ाना

http://Saraikela Woman murder case: डायन बिसाही मामले में महिला की हत्या में 6 आरोपी गिरफ्तार, 2 लाख में कांट्रैक्ट किलर से कराई गई थी हत्या

One Response

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

श्रेयसी सिंह, प्रवीण सेवा संस्थान

भारत की बेटियों का सम्मान और समर्थन ही सच्ची दुर्गा स्तुति’: खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ​आदित्यपुर में प्रवीण सेवा संस्थान के भव्य दुर्गा पूजा पंडाल का हुआ उद्घाटन; हिमाचल के प्राचीन शिव मंदिर की थीम देखने उमड़ा जनसैलाब