जमशेदपुर: गम्हरिया मोहनपुर स्थित आर्का जैन विश्वविद्यालय के परिसर में मंगलवार को 77वां गणतंत्र दिवस बेहद गरिमामय और भव्य तरीके से मनाया गया। तिरंगे की आन-बान और शान के बीच आयोजित इस समारोह में पूरा विश्वविद्यालय परिसर ‘भारत माता की जय’ और देशभक्ति के नारों से गुंजायमान रहा। अनुशासन, जोश और समर्पण की त्रिवेणी ने उपस्थित जनसमूह में राष्ट्रीयता का नया संचार किया।

शानदार परेड और ध्वजारोहण से हुआ आगाज
समारोह की औपचारिक शुरुआत विश्वविद्यालय प्रांगण में गौरवपूर्ण ध्वजारोहण के साथ हुई। तिरंगा फहराने के पश्चात एनसीसी (NCC) कैडेट्स ने मार्च पास्ट किया। कैडेट्स के अनुशासित कदमों की धमक और उनके शानदार तालमेल ने समारोह में चार चांद लगा दिए। इस परेड ने न केवल अनुशासन का परिचय दिया, बल्कि वहां मौजूद हर विद्यार्थी और शिक्षक के भीतर असीम जोश भर दिया।

”युवा ही राष्ट्र के असली सारथी”: डॉ. अंगद तिवारी
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चांसलर डॉ. अंगद तिवारी ने संविधान की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय संविधान को राष्ट्र की ‘जीवंत आत्मा’ बताते हुए कहा कि इसके लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना हर नागरिक का परम कर्तव्य है।
डॉ. तिवारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विशेष रूप से कहा:
”आज का युवा राष्ट्र निर्माण की यात्रा में केवल दर्शक नहीं है, बल्कि वह इस प्रगति का सारथी और भविष्य का नेतृत्वकर्ता है। शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त करना हमारा लक्ष्य जरूर है, लेकिन इसके साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक उत्थान के प्रति संवेदनशील होना भी अनिवार्य है।”

प्रमुख हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डायरेक्टर कम रजिस्ट्रार डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव और आईक्यूएसी (IQAC) निदेशक डॉ. अरविंद कुमार पांडेय मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के डीन, विभागाध्यक्ष (HODs), प्रबुद्ध शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं शिक्षकेतर कर्मचारी भी शामिल हुए, जिन्होंने एकता और अखंडता के संकल्प को दोहराया।








