Adityapur Medical Miracle: आदित्यपुर: मेडिनोवा नर्सिंग होम के डॉक्टरों ने किया चमत्कार, 22 सप्ताह में जन्मे 800 ग्राम के नवजात को दी नई जिंदगी

मेडिनोवा नर्सिंग होम

आदित्यपुर: चिकित्सा जगत में अक्सर ऐसे मामले सामने आते हैं जो विज्ञान और मेडिनोवा डॉक्टरों के समर्पण की मिसाल बन जाते हैं। ऐसा ही एक मामला जमशेदपुर के बारीडीह हुरलुंग बस्ती से सामने आया है, जहाँ एक अति-अल्पविकसित नवजात को डॉक्टरों की टीम ने मौत के मुँह से बाहर निकाल लिया।

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​22 सप्ताह में हुआ था जन्म

बारीडीह निवासी कमला सरदार और उनके पति कृष्णा सिंह भूमिज के घर 20 जनवरी को TMH में एक बच्चे का जन्म हुआ। सामान्यतः बच्चे का जन्म 38 से 40 सप्ताह में होता है, लेकिन यह बच्चा मात्र 22 सप्ताह में पैदा हुआ था और उसका वजन सिर्फ 800 ग्राम था।

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​जटिल बीमारियों से जूझ रहा था नवजात

बच्चे की स्थिति अत्यंत नाजुक थी। 30 जनवरी को उसे आयुष्मान भारत योजना के तहत मेडिनोवा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। बच्चे के फेफड़ों, लीवर, आंतों और मस्तिष्क में गंभीर सूजन थी। इसके साथ ही वह ‘ब्लड इन्फेक्शन’ जैसी जानलेवा स्थिति से भी जूझ रहा था।

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​डॉक्टरों का सफल प्रयास

मेडिनोवा के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार, डॉ. रश्मि वर्मा और डॉ. पूजा अग्रवाल की टीम ने इसे एक चुनौती के रूप में लिया। लगभग 2 महीनों के गहन उपचार और अत्याधुनिक वेंटिलेटर सपोर्ट के बाद बच्चे की स्थिति में सुधार हुआ। आज बच्चे का वजन बढ़कर 1300 ग्राम हो गया है और वह पूरी तरह स्वस्थ है। परिजनों ने आयुष्मान भारत योजना और डॉक्टरों की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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