गुवा में खदान विस्तार के बीच पुनर्वास को लेकर बढ़ी चिंता, 500 परिवार अब भी सूची से बाहर

गुवा खदान विस्तार

गुवा संवाददाता: पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा क्षेत्र में खदान विस्तार के चलते विस्थापितों की चिंता गहराती जा रही है। मूलभूत सुविधाओं और पुनर्वास से जुड़ी समस्याओं को लेकर प्रभावित ग्रामीणों ने उपायुक्त मनीष कुमार से मुलाकात कर अपनी मांगों को विस्तारपूर्वक रखा।
उपायुक्त ने समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए एडीसी प्रवीण केरकेट्टा को निर्देश दिया कि विस्थापितों की मांगों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके बाद विस्थापितों ने एडीसी को अपना मांग पत्र सौंपा।

गुवा विस्थापन आंदोलन: विकास बनाम अस्तित्व की जंग तेज

खदान विस्तार और विस्थापन की स्थिति

Steel Authority of India Limited (सेल) गुवा, प्रखंड नोवामुंडी के अंतर्गत खदान के विस्तार कार्य को आगे बढ़ा रहा है। इसके तहत रामनगर डीपासाई, नानक नगर, पुट साइडिंग तथा जाटा हाटिंग पंचायत (गुवा पूर्वी और पश्चिमी) के कई परिवारों को अन्यत्र बसाने की योजना है।
हालांकि अब तक केवल 184 परिवारों का ही पुनर्वास किया गया है, जबकि करीब 500 परिवार अब भी सूची से बाहर हैं। इससे प्रभावित लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

विस्थापितों की प्रमुख मांगें

विस्थापित परिवारों ने प्रशासन के समक्ष कई अहम मांगें रखी हैं:
सभी प्रभावित परिवारों का पुनः सर्वे कर पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए
एक कमरा, हॉल, किचन और शौचालय-बाथरूम सहित पक्का मकान
सामुदायिक भवन की व्यवस्था
नियमित साफ-सफाई के लिए कर्मियों की नियुक्ति
बिजली और पानी की सुविधा (किराया देने की सहमति के साथ)
बच्चों के लिए सुरक्षित स्कूल बस सेवा
पूजा-पाठ के लिए मंदिर की व्यवस्था

विस्थापितों की चेतावनी

ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सभी प्रभावित परिवारों के लिए उचित व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक विस्थापन की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। उनका मानना है कि बिना बुनियादी सुविधाओं के नई जगह पर जीवन यापन करना बेहद कठिन होगा।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोग

मांग पत्र सौंपने वालों में विनय कुमार प्रसाद, राजा बिहारी, धर्मेंद्र रजक और रोहित कुमार सिंह शामिल थे।

 निष्कर्ष

गुवा में खदान विस्तार विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, लेकिन पुनर्वास की अधूरी प्रक्रिया सामाजिक असंतोष को जन्म दे रही है। यदि प्रशासन और सेल प्रबंधन समय रहते सभी परिवारों को न्यायपूर्ण पुनर्वास नहीं देते हैं, तो यह मुद्दा और गंभीर रूप ले सकता है।

http://नए साल पर मजदूरों की एकजुटता, झारखंड मजदूर संघर्ष संघ ने गुवा सेल प्रबंधन को दी चेतावनी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *