मनोहरपुर : मनोहरपुर प्रखंड के तरतरा गांव स्थित आदिवासी टोला आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। यहां के छोटे-छोटे बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्र तक पहुंचने के लिए कच्ची सड़क और जर्जर सड़क से होकर गुजरना पड़ता है, जो खासकर बारिश के दिनों में गंभीर समस्या बन जाती है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव से आंगनवाड़ी केंद्र तक जाने वाली सड़क पूरी तरह कच्ची है। बारिश होते ही यह रास्ता कीचड़ में बदल जाता है, जिससे छोटे बच्चों का चलना तक मुश्किल हो जाता है। कई बार तो बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे अभिभावक उन्हें केंद्र भेजने से कतराते हैं।
इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा और पोषण पर पड़ रहा है। आंगनवाड़ी में मिलने वाली सेवाओं से बच्चे वंचित हो रहे हैं, जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों—विधायक और सांसद—को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। वर्षों से यह समस्या जस की तस बनी हुई है।
स्थानीय प्रतिक्रिया:
स्थानीय समाजसेवी रूपलाल महतो ने कहा कि बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस सड़क का जल्द निर्माण होना बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि कच्ची सड़क को पीसीसी सड़क में तब्दील किया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और सुगम रास्ता मिल सके।
मुद्दा क्यों अहम है?
आंगनवाड़ी सेवाओं तक पहुंच बाधित
बच्चों के पोषण और शिक्षा पर असर
बारिश में दुर्घटना का खतरा
लंबे समय से समाधान नहीं







