जमशेदपुर के बहारागोड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत पानीपड़ा इलाके में सुवर्णरेखा नदी किनारे करीब 227 किलोग्राम वजनी संदिग्ध बम मिलने से इलाके में दहशत फैल गई। यह बम रेत खनन के दौरान जमीन के भीतर दबा हुआ मिला। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
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अमेरिकी मूल का हो सकता है बम
प्रारंभिक जांच में बम के बाहरी ढांचे और निशानों के आधार पर इसे अमेरिकी मूल का बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह काफी पुराना होने के बावजूद सक्रिय स्थिति में हो सकता है, जिससे किसी भी तरह की लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है। आशंका जताई जा रही है कि यह बम द्वितीय विश्व युद्ध के समय का हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
सेना की बम निरोधक टीम तैनात
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सेना की बम निरोधक टीम को बुलाया गया है। सेना के विशेषज्ञों ने मौके का निरीक्षण कर बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने की रणनीति तैयार की है। फिलहाल बम को उसी स्थान पर सुरक्षित रखा गया है और आसपास किसी भी गतिविधि पर रोक लगा दी गई है।
नियंत्रित तरीके से किया जाएगा डिफ्यूज
सूत्रों के अनुसार, बम को निष्क्रिय करने के लिए जमीन में गड्ढा खोदकर नियंत्रित विस्फोट या निष्क्रियकरण की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। यह प्रक्रिया अत्यंत संवेदनशील और जोखिमपूर्ण होती है, जिसे विशेषज्ञों की निगरानी में अंजाम दिया जाएगा ताकि आसपास के इलाके को किसी भी नुकसान से बचाया जा सके।
प्रशासन अलर्ट, ‘नो-एंट्री जोन’ घोषित
एहतियात के तौर पर प्रशासन ने पूरे इलाके को अस्थायी रूप से ‘नो-एंट्री जोन’ घोषित कर दिया है। पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है और स्थानीय लोगों को क्षेत्र से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है। साथ ही, आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच अभियान भी चलाया जा रहा है, क्योंकि जमीन के नीचे और विस्फोटक सामग्री होने की आशंका जताई जा रही है।







