पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा): झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुवा थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक सरकारी विभाग में कार्यरत लिपिक (Clerk) ने एक 16 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। हालांकि, स्थानीय युवकों की तत्परता के कारण आरोपी सफल नहीं हो सका और अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
Chaibasa POCSO Case: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 15 साल की सजा, कोर्ट का बड़ा फैसला
सर्वे के नाम पर दिया झांसा
घटना की शुरुआत 4 मई 2026 की शाम को हुई। आरोपी सचिन सिंह, जो पथ निर्माण विभाग (चक्रधरपुर) में कार्यरत है, मोटरसाइकिल से पीड़ित लड़की के घर पहुंचा। उसने खुद को सरकारी कर्मचारी बताते हुए दावा किया कि वह स्कूल और सड़कों पर CCTV कैमरा लगाने के लिए सर्वे करने आया है। आरोपी ने नाबालिग पर दबाव बनाया कि वह उसे स्कूल का रास्ता दिखा दे और उसे अपनी बाइक पर बिठा लिया।
जंगल में शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीण
आरोपी नाबालिग को स्कूल ले जाने के बजाय तेजी से घने जंगल की ओर ले गया। वहां उसने लड़की के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। इसी बीच, पास के गांव से गुजर रहे 6-7 लड़कों ने लड़की की चीख सुनी और वे जंगल की ओर दौड़ पड़े। भीड़ को अपनी ओर आता देख आरोपी घबरा गया।
हड़बड़ी में भागते समय एक चढ़ाई वाले रास्ते पर आरोपी की बाइक फिसल गई और वह गिर गया। पकड़े जाने के डर से वह अपनी बाइक मौके पर ही छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए पैदल ही फरार हो गया।
जांच और गिरफ्तारी
पीड़िता की मां की लिखित शिकायत पर सोनुवा पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी सचिन सिंह पूर्व में मनोहरपुर में तैनात था और वर्तमान में चक्रधरपुर कार्यालय में लिपिक है। पुलिस ने तकनीकी और जमीनी साक्ष्यों के आधार पर 7 मई को उसे धर दबोचा।
सोनुवा थाना प्रभारी शशि बाला भेंगरा ने बताया कि:
”आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण और न्यायालय में 164 का बयान दर्ज करा लिया गया है। नाबालिगों के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ पुलिस कड़ा रुख अपनाएगी।”







