जमशेदपुर: टाटा स्टील फाउंडेशन ने जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए धतकीडीह कम्युनिटी सेंटर के बास्केटबॉल कोर्ट में फ्लडलाइट्स का उद्घाटन किया। इस पहल से अब युवा खिलाड़ी सुरक्षित और बेहतर माहौल में शाम के समय भी अभ्यास कर सकेंगे।
सीमित संसाधनों के बीच बड़ी पहल
जमशेदपुर में सामुदायिक स्तर पर केवल दो प्रमुख बास्केटबॉल कोर्ट—सोनारी और धतकीडीह—उपलब्ध हैं, जिन्हें टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा विकसित किया गया है। धतकीडीह केंद्र में ही लगभग 82 बच्चे नियमित रूप से सुबह और शाम के सत्रों में अभ्यास करते हैं। स्कूल जाने वाले छात्रों के लिए शाम का समय ही अभ्यास का प्रमुख समय होता है, जो पहले रोशनी की कमी के कारण बाधित होता था।
सुरक्षा और गुणवत्ता में सुधार
फ्लडलाइट्स की कमी के चलते सूर्यास्त के बाद कोर्ट पर विजिबिलिटी कम हो जाती थी, जिससे न केवल अभ्यास की गुणवत्ता प्रभावित होती थी बल्कि खिलाड़ियों की सुरक्षा भी चिंता का विषय बनी रहती थी। समुदाय, कोच, अभिभावकों और खिलाड़ियों की मांग को ध्यान में रखते हुए यह सुविधा उपलब्ध कराई गई। अब रोशनी से जगमगाते इस कोर्ट पर खिलाड़ी बिना किसी बाधा के अभ्यास कर पा रहे हैं, जिससे उनके प्रदर्शन और आत्मविश्वास में भी वृद्धि देखी जा रही है।
खेल विशेषज्ञों ने सराहा कदम
झारखंड बास्केटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष और ओलंपियन हरभजन सिंह ने इस पहल को जमशेदपुर में बास्केटबॉल के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अब यहां जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन की संभावनाएं और मजबूत होंगी।
खिलाड़ियों में बढ़ा उत्साह
स्थानीय खिलाड़ी स्नेहा कुमारी और उदय नायर ने इस पहल को अपने प्रशिक्षण अनुभव के लिए गेम-चेंजर बताया। उनका कहना है कि अब वे पढ़ाई के साथ-साथ खेल को बेहतर तरीके से संतुलित कर पा रहे हैं और लंबे समय तक अभ्यास संभव हो गया है।
भविष्य के लिए मजबूत आधार
धतकीडीह बास्केटबॉल कोर्ट पहले से ही कई जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी कर चुका है। फ्लडलाइट्स की सुविधा जुड़ने से अब यह केंद्र और अधिक पेशेवर तरीके से खेल आयोजनों के लिए तैयार हो गया है। यह पहल न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने में मदद करेगी, बल्कि सामुदायिक विकास और खेल संस्कृति को भी मजबूत करेगी।








