गुवा में भूख हड़ताल तेज: 72 घंटे बाद भी नहीं हुई वार्ता, उग्र आंदोलन की चेतावनी

गुवा में भूख हड़ताल तेज

Gua: गुवा में भूख हड़ताल तेज: पश्चिमी सिंहभूम के गुवा क्षेत्र में 12 गांवों के मुंडा-मानकी के नेतृत्व में चल रहा भूख हड़ताल आंदोलन लगातार तीसरे दिन भी जारी है। 500 ग्रामीणों की बहाली की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब और उग्र रूप लेता नजर आ रहा है, क्योंकि 72 घंटे बीत जाने के बाद भी न तो प्रशासन और न ही सेल प्रबंधन की ओर से कोई ठोस पहल की गई है।

प्रशासन और प्रबंधन की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश

ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। आंदोलनकारी कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन अब तक कोई अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचा। इस कारण Gua Hunger Strike Protest Jharkhand ने अब गंभीर रूप ले लिया है और लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।

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गुवा में भूख हड़ताल तेज

आंदोलन के बीच बिगड़ी बच्चे की तबीयत

धरना स्थल पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब भूख हड़ताल में शामिल एक महिला के बच्चे की अचानक तबीयत बिगड़ गई। स्थिति को गंभीर देखते हुए ग्रामीण तुरंत बच्चे को गुवा स्थित सेल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया। इस घटना ने आंदोलन की संवेदनशीलता को और उजागर कर दिया है।

19 अप्रैल को बैठक, 20 अप्रैल से चक्का जाम

ग्रामीणों ने घोषणा की है कि 19 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आंदोलन की आगे की रणनीति तय होगी।

इसके बाद 20 अप्रैल की सुबह 4 बजे से 12 गांवों के ग्रामीणों द्वारा चक्का जाम किया जाएगा। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि इस दौरान:

  • सेल का उत्पादन पूरी तरह ठप किया जाएगा
  • रेल मार्ग को बाधित किया जाएगा
  • आयरन ओर का परिवहन पूरी तरह रोक दिया जाएगा
  • गुवा में भूख हड़ताल तेज

सेल प्रबंधन के खिलाफ कड़ा रुख

ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनकी मांगों को जल्द नहीं माना गया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सेल प्रबंधन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जिससे स्थिति लगातार बिगड़ रही है।

राजनीतिक समर्थन की तैयारी

इस आंदोलन को और मजबूत करने के लिए ग्रामीणों ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री Madhu Koda के नेतृत्व में आगे की रणनीति तैयार करने की बात कही है। इससे आने वाले दिनों में आंदोलन के और बड़े रूप लेने की संभावना है।

महिलाओं की सक्रिय भागीदारी

Gua Hunger Strike Protest Jharkhand में महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय है। बड़ी संख्या में महिलाएं आंदोलन स्थल पर मौजूद हैं और जमीन पर रात बिताकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं। यह आंदोलन अब केवल रोजगार का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की लड़ाई बनता जा रहा है।

निष्कर्ष

Gua Hunger Strike Protest Jharkhand ने प्रशासन और उद्योग प्रबंधन के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। यदि जल्द ही वार्ता नहीं हुई, तो 20 अप्रैल का प्रस्तावित चक्का जाम क्षेत्र की औद्योगिक गतिविधियों को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में सरकार और प्रबंधन इस संकट का समाधान कैसे निकालते हैं।

http://गुवा भूख हड़ताल मधु कोड़ा: आंदोलन तेज, 20 अप्रैल से चक्का जाम की चेतावनी

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