गुवा (प. सिंहभूम): गुवा ठेका मजदूर शोषण मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के नेतृत्व में ठेका मजदूरों, बेरोजगार युवाओं और आसपास के ग्रामीणों ने गुवा स्थित यूनियन कार्यालय में एक अहम बैठक कर अपनी समस्याओं को मुखर रूप से उठाया।
बैठक में उठे मजदूरों के अहम मुद्दे
बैठक की अध्यक्षता संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने की। इस दौरान मजदूरों से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा की गई।
रामा पांडे ने आरोप लगाया कि गुवा सेल प्रबंधन द्वारा ठेका मजदूरों को उनके कार्य के अनुरूप स्किल्ड और सेमी-स्किल्ड का दर्जा नहीं दिया जा रहा है, जिससे उन्हें उचित वेतन से वंचित होना पड़ रहा है।
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सेल प्रबंधन और ठेका कंपनी पर आरोप
मामले में Steel Authority of India Limited (सेल) प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यूनियन का कहना है कि गुवा अयस्क खदान में कार्यरत मजदूरों का लगातार शोषण हो रहा है।
बताया गया कि वित्त एवं लेखा विभाग सहित कई कंप्यूटरीकृत कार्य मेसर्स जे.बी.टी संस्था को सौंपे गए हैं, जहां वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को उनके काम के अनुरूप वेतन नहीं मिल रहा है।
न्यूनतम मजदूरी नियमों का उल्लंघन
यूनियन ने आरोप लगाया कि ठेका कंपनी द्वारा भारत सरकार के निर्धारित न्यूनतम मजदूरी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। यह श्रम कानूनों का सीधा उल्लंघन है और मजदूरों के अधिकारों का हनन भी।
इस संबंध में सहायक श्रम आयुक्त (एएलसी) को पत्र लिखकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है।
21 अप्रैल को त्रिपक्षीय वार्ता
मामले को गंभीरता से लेते हुए श्रम विभाग ने 21 अप्रैल को त्रिपक्षीय वार्ता बुलाने का निर्णय लिया है। इस बैठक में
- प्रबंधन
- ठेका कंपनी
- मजदूर प्रतिनिधि
तीनों पक्ष शामिल होंगे और समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
मजदूरों से एकजुट रहने की अपील
रामा पांडे ने मजदूरों से संगठित रहने की अपील करते हुए कहा कि अधिकारों की लड़ाई तभी सफल होगी जब सभी मजदूर एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएंगे।
मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम स्थगित
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि यूनियन कार्यालय में प्रस्तावित मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम, जो 15 अप्रैल को होना था, उसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
अब यह कार्यक्रम 2 मई से 4 मई तक तीन दिवसीय आयोजन के रूप में संपन्न होगा। इस अवसर पर सभी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।
निष्कर्ष
गुवा ठेका मजदूर शोषण मामला अब श्रम अधिकारों और न्यूनतम मजदूरी जैसे अहम मुद्दों से जुड़ गया है। 21 अप्रैल की त्रिपक्षीय वार्ता इस विवाद के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यदि समाधान नहीं निकला, तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज हो सकता है।
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