Adityapur (आदित्यपुर) : आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में पम्मी धर्मकांटा के समीप हुए दर्दनाक हादसे के बाद जियाडा (JIADA) प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। नाले के ऊपर ब्लॉक बिछाकर किए गए अवैध अतिक्रमण को लेकर विभाग ने सख्त रवैया अख्तियार कर लिया है।
सोमवार को जियाडा की विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर भूमि की नापी की, जिसमें आवंटित जमीन से काफी अधिक भू-भाग पर अवैध कब्जा पाया गया। इसके बाद जियाडा के क्षेत्रीय उपनिदेशक दिनेश रंजन ने धर्मकांटा संचालक रवि सरावगी को 24 घंटे के भीतर नाले से ब्लॉक हटाने का कड़ा निर्देश जारी किया है।

वादा करके मुकरा संचालक, अब होगी कार्रवाई
जियाडा के उपनिदेशक दिनेश रंजन ने स्पष्ट किया कि इस अतिक्रमण को लेकर संचालक को पहले भी दो बार नोटिस दिया जा चुका है। उस दौरान संचालक ने लिखित आश्वासन दिया था कि वह जल्द ही अतिक्रमण हटा लेगा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
उपनिदेशक ने कहा, “इस बार अंतिम मोहलत दी गई है। अगर 24 घंटे के भीतर ब्लॉक नहीं हटाए गए, तो विभाग कानून के तहत बलपूर्वक हटाने और दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा।” सूत्रों के मुताबिक, धर्मकांटा को 4350 वर्ग फुट जमीन आवंटित थी, जबकि मौके पर करीब 2000 वर्ग फुट से ज्यादा की अतिरिक्त भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया है। जमीन के वास्तविक आवंटन की भी गहन जांच की जा रही है।
हादसे के बाद फूटा स्थानीय लोगों का गुस्सा
इस पूरे विवाद की जड़ कुछ दिनों पहले हुआ वह हादसा है, जिसमें धर्मकांटा पर वजन कराने आए एक लॉजिस्टिक कंटेनर के चालक की हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आने से मौत हो गई थी। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि नाले पर अवैध रूप से मिट्टी और ब्लॉक डालकर जमीन की ऊंचाई बढ़ा दी गई थी, जिससे ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन तार गाड़ियों के बेहद करीब आ गई। इसी लापरवाही ने चालक की जान ले ली।
इसके अलावा, क्षेत्र में चल रही अवैध पार्किंग और स्थानीय लोगों को डराने-धमकाने की शिकायतें भी प्रशासन को मिली हैं। जियाडा उपनिदेशक ने कहा कि अवैध पार्किंग के मामले में भी संचालक को अलग से नोटिस भेजकर जवाब तलब किया जा रहा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर इस मामले में भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







